Banke Bihari Temple: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मथुरा में श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर पांच एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसे लेकर एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मंगला आरती के दौरान दो लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी। पिछले साल जन्माष्टमी के मौके पर गठित कमेटी ने कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया था। इसी के बाद संत जमाज, वृंदावन के सेवायत, व्यपारी और आम लोग दो धड़े में बंट गए।
अगर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर बना, तो क्या सुविधाएं मिलेंगी?
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा परिसर
एक पक्ष एक प्रोजेक्ट के समर्थन में है, जबकि दूसरा पक्ष इस कॉरिडोर के प्रस्ताव की खिलाफत कर रहा है। फिलहाल ये मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में है। आगामी 18 सितंबर को इसे लेकर सुनवाई होनी है। इस सुनवाई में कॉरिडोर को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विवरण दिया जाना है। माना जा रहा है कि अब कॉरिडोर का रास्ता साफ हो जाएगा। अगर मथुरा में कॉरिडोर का निर्माण होता है तो 10 हजार श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकेंगे। आपको बताते हैं कि कॉरिडोर प्रस्ताव में किन सुविधाओं का जिक्र किया गया है।
प्रस्ताव में इन सुविधाओं का है जिक्र
5 एकड़ के क्षेत्रफल की जमीन
10600 वर्ग मीटर में ऊपरी क्षेत्र का निर्माण होगा
1800 वर्ग मीटर में प्रतीक्षालय का निर्माण होगा
800 वर्ग मीटर में गलियारा बनाने का प्रस्ताव है
900 वर्ग मीटर में परिक्रमा क्षेत्र का प्रस्ताव है
650 वर्ग मीटर को खुले क्षेत्र के तौर पर रखा जाएगा
सामान घर के लिए 100 वर्ग मीटर का प्रस्ताव है
30 वर्ग मीटर में शिुश देखभाल गृह बनाने का प्रस्ताव है
80 वर्ग मीटर में चिकित्सा सेवा की सुविधाएं होंगी
250 वर्ग मीटर में वीआईपी प्रतीक्षालय का निर्माण होगा
11300 वर्ग मीटर में निचला क्षेत्र का निर्माण होगा
518 वर्ग मीटर को खुला क्षेत्र रखा जाएगा
3500 वर्ग मीटर में प्रतीक्षालय के निर्माण का प्रस्ताव है
250 वर्ग मीटर में जूताघर का निर्माण कराया जाएगा
निचले क्षेत्र में सामान घर के लिए 100 वर्ग मीटर का प्रस्ताव है
90 वर्ग मीटर में चिकित्सा सेवा की सुविधाएं होंगी
80 वर्ग मीटर में वीआईपी प्रतीक्षालय के निर्माण का प्रस्ताव है
पूजा सामग्री दुकानों के लिए 800 वर्ग मीटर का प्रस्ताव है।
करीब 505 करोड़ रुपये खर्च का आकलन
तीर्थ विकास परिषद ने इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए करीब 505 करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया है। जानकारी के अनुसार 300 से अधिक दुकानों और मकानों का अधिग्रहण कॉरिडोर के लिए किया जाएगा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर का अगर निर्माण होता है तो राधारमण, मदन मोहन देव मंदिर तक पहुंचने में काफी आसानी हो जाएगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने प्रस्तावित कॉरिडोर योजना में यमुना पर सस्पेंशन पुल का भी प्रस्ताव तैयार किया है। यह पुल कॉरिडोर के सामने बनाया जाएगा।
