Ayodhya Ram Mandir: कारसेवकपुरम में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी, जिसमें रामलला के पूजन-अर्चन के क्रम में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। रामलला का नित्य अभिषेक सरयू जल और पंचामृत से किया जाएगा। आपको बता दें सरयू जल लाए जाने के प्रबंध पर भी विचार किया गया। हालांकि नवनिर्मित मंदिर में स्थापित होने के साथ रामलला के ठाठ निराले होंगे। उन्हें प्रशिक्षित अर्चकों की विशेष टीम ब्रह्ममुहूर्त में वेद मंत्रों के सस्वर पाठ के साथ जगाएगी। यह ब्रह्ममुहूर्त में वेद मंत्रों के सस्वर पाठ चार-साढ़े चार बजे के बीच की जाएगी।
आपको बताते चलें रामलला के नित्य पूजन-अर्चन की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने देश के चुनिंदा धर्माचार्यों से गहन विचार-विमर्श की है। विचार-विमर्श करने के बाद कई अहम सुझाव सामने आए है।
विशेष वाहन से लाए जाएंगे सरयू जल
सुझाव दिया गया कि सरयू जल विशेष वाहन से लाया जाए और जल के प्रति आदर की दृष्टि से उस पर छत्र-चंवर धारी परिचारक भी नियुक्त हों। यह भी सुझाव दिया गया कि श्रद्धालुओं के लिए रामलला का दर्शन अभिषेक-स्नान और श्रृंगार के बाद सुबह 7-7:30 बजे के बीच हो। रामलला के सम्मुख मध्याह्न राजभोग भी विधि-विधान से अर्पित किया जाएगा। यह समय 12:00-12:30 बजे के बीच संभावित होगा। हालांकि इसके बाद रामलला को शयन कराया जाएगा। उसके बाद 3:30 से 4 बजे के बीच रामलला को गीत-गवनई के साथ जगाया जाएगा। वहीं, रामलला को सायंकालीन भोजन प्रस्तुत करने और शयन कराने के लिए 9 से 10 बजे के बीच का समय चुना गया है।
छह बार होगी रामलला की आरती
आपको यह भी बता दें रामलला की रोजाना छह बार आरती होगी। पहली आरती सुबह रामलला को जगाने के साथ होगी। दूसरी आरती रामलला के अभिषेक स्नान के बाद होगी। तीसरी आरती राजभोग के साथ होगी। चौथी आरती अपराह्न रामलला को जगाने के साथ होगी। पांचवी आरती दिन ढलने पर होगी। अंत में छठी आरती रामलला के शयन लिए शयन आरती की जाएगी।
