Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिल की एक इमारत में लगी भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक पहले फ्लोर पर पेट शॉप है। सेकंड फ्लोर पर एनीमेशन की एकेडमी थी जहां गेम डिजाइन किए जाते थे। घटना के समय लगभग 25 लोग मौजूद थे, जिसमें से कुछ लोगों ने आग लगने की घटना के बाद मौके से भागकर जान बचाई लगभग 18 लोग फंसे रहे जिन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाला गया।
लखनऊ कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
इसमें से 14 लोगों की मौत हो गई है चार लोग घायल है जिन्हें KGMU में एडमिट कराया गया है। ज्यादातर मृतक लखनऊ के रहने वाले है प्रशासन इनके बारे में जानकारी जुटा रहा है। हालांकि, अभी तक आग लगने की वजह सामने नहीं आई है।
कुछ लोग बाथरूम में फंसे
मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। आग लगते ही कुछ मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई। आग लगने के बाद कुछ लोगों के कोचिंग संस्थान में मौजूद बाथरूम में फंसे होने की खबर भी सामने आई। लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों का सहारा लेते नजर आए। एक शख्स ने तो इमारत से ही छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
'भाई बचा लो...' जब धुएं के बीच फंसा रहा आदित्य
हादसे की सबसे मार्मिक कहानी सीतापुर के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव की है, जो पिछले दो साल से लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, हादसे के दौरान आदित्य ने अपने दोस्त को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी। दोस्त का दावा है कि दोपहर करीब 2 बजे आदित्य का फोन आया था। फोन पर उसने कहा था, “भाई, बचा लो…” लेकिन आग और धुएं के बीच फंसे आदित्य तक राहत टीम समय पर नहीं पहुंच सकी और उसकी मौत हो गई।
रिश्तेदारों का कहना है कि आदित्य पढ़ाई के लिए बड़े सपने लेकर लखनऊ आया था, लेकिन यह हादसा उसके परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस हादसे में लखनऊ के रहने वाले शहजाद की भी मौत हो गई। शहजाद एनिमेशन का कोर्स कर रहा था। घटना की सूचना मिलने के बाद उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि वह सुरक्षित बाहर आ जाएगा, लेकिन कुछ ही देर में मौत की खबर आ गई।
अब तक कुल 22 छात्रों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। इनमें से 15 की मौत हो चुकी है। चार बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि दो छात्र गंभीर हालत में इलाज करा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत कुछ ही मिनटों में धुएं से भर गई। कई छात्र अंदर फंस गए और बाहर निकलने के लिए मदद का इंतजार करते रहे। फिलहाल प्रशासन राहत और जांच कार्य में जुटा है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहयता राशि
पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया। इसके तहत हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
भावुक हुए बृजेश पाठक
घटनास्थल पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है, जिसमें मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखें हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए हाई लेवल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इमारत के अंदर अभी भी धुआं भरा हुआ है, इसलिए सभी कमरों की गहन तलाशी ली जा रही है। फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
