Aaj Mausam Ka AQI 01 November 2024 (आज की वायु गुणवत्ता): दिवाली के बाद दिल्ली में छाई धुंध, बिहार के अधिकांश शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक
मौसम में AQI क्या है (Aaj Mausam Ka AQI) वायु गुणवत्ता 01 November 2024, What is AQI in Weather Today IMD Forecast Air Quality Index, Hava Ki Gunvatta Kitni Hai Delhi, Noida Gurgaon, India Vayu Pradushan Updates: देश के कई बड़े शहरों में प्रदूषण परेशानी का सबब बनता जा रहा है। खासकर, दिल्ली-एमसीआर की हवा पूरी तरीके से जहरीली हो चुकी है। दिवाली के पटाखों से वायु मंडल में धुएं की मोटी परत जम गई है। लोगों को सांस लेने में समस्याएं हो रही हैं। राजधानी का एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि, प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली में कई प्रकार के अभियान चल रहे हैं। प्रदूषण का हॉटस्पॉट बने इलाकों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। अधिक एक्यूआई वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी करके कारकों के बारे में जानने की कोशिश की जा रही है, ताकि उसे कम करने के उपाय खोजे जा सकें। हालांकि, एनसीआर के गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में वायु गुणवत्ता थोड़ी बेहतर रही। हरियाणा-पंजाब में दिवाली की रात एक्यूआई ‘बहुत खराब' दर्ज की जा रही है। आइये जानते हैं कहां क्या स्थिति है-
दिवाली के बाद गाजियाबाद का आबो हवा खराब
नोएडा का एक्यूआई 200 के पार
दिल्ली का एक्यूआई
दिल्ली में प्रदूषण को लिए पटाखें जिम्मेदार-गोपाल राय
दिवाली के बाद दिल्ली में धुंध छाई
दिल्ली में प्रदूषण के लिए सरकार जिम्मेदार: प्रदीप भंडारी
बिहार में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा
पीएम 10 के स्तर में 49.2-85.7 प्रतिशत धूल का योगदान
हरित अधिकरण के समक्ष दायर एटीआर में कहा गया है कि गाजियाबाद और लखनऊ के लिए पूरे किए गए अध्ययन से पता चला है कि पीएम 10 के स्तर में 49.2-85.7 प्रतिशत योगदान सड़क की धूल का था। परिवहन क्षेत्र छह से सात प्रतिशत प्रदूषण के लिए जिम्मेदार था।
केंद्र द्वारा एनजीटी को दिए एक्शन टेकेन रिपोर्ट
केंद्र द्वारा एनजीटी को दिए एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) में कहा गया है, "इन 19 शहरों के लिए 2019-20 से 2023-24 तक एनसीएपी के तहत 1,701.54 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है और इन शहरों द्वारा 1,500.58 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किए जाने की सूचना दी गई है। इसके अलावा, वायु प्रदूषण में कमी के लिए वार्षिक कार्य योजनाओं को लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 600.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि 19 में से 17 शहरों ने 2017-18 के मुकाबले 2023-24 में वायु गुणवत्ता में सुधार दिखाया है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 19 शहर शामिल
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 19 शहरों को शामिल किया गया है और कार्य योजनाओं की नियमित निगरानी और कार्यान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर समितियां गठित की गई हैं जिसमें मुख्य सचिव के अधीन संचालन समिति, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव के अधीन वायु गुणवत्ता निगरानी समिति और जिला कलेक्टर या नगर आयुक्त के अधीन जिला/शहर स्तरीय निगरानी और कार्यान्वयन समिति शामिल है
11 शहरों में प्रदूषण के स्रोतों के आंकलन का अध्ययन
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया है कि देश के 11 शहरों ने वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्राथमिकता देने के साथ ही साथ प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों का आकलन करने के अध्ययन पूरा कर लिया है। इन 11 शहरों में पटना, दिल्ली, बद्दी, धनबाद, भोपाल, ग्वालियर, नवी मुंबई, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना, गाजियाबाद और लखनऊ शामिल हैं।
कितना प्रदूषण सामान्य, कितना प्रदूषण खतरनाक
शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
15 नवंबर तक चरम पर होगा प्रदूषण
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के विश्लेषण के अनुसार, शहर में एक से 15 नवंबर तक प्रदूषण चरम पर होता है, जब पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
दिल्ली में 40 निगरानी केंद्र कर रहे काम
दिल्ली के 40 निगरानी केंद्रों में से 38 में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा तय पैमाने के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।
गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में वायु गुणवत्ता थोड़ी बेहतर
गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में वायु गुणवत्ता थोड़ी बेहतर रही और इसे ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके विपरीत, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता 181 के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।
पिछले 8 साल में ऐसा रहा दिल्ली का एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में दिवाली के दिन आसमान साफ था और धूप खिली रही थी। एक्यूआई 218 दर्ज किया गया था जबकि 2022 में 312, 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
हरियाणा-पंजाब में दिवाली की रात एक्यूआई ‘बहुत खराब'
रियाणा में कई स्थानों पर बृहस्पतिवार को दिवाली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ में भी कई स्थानों पर एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
