दिल्ली : जसोला इलाके में पुराने भवन को गिराने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जर्जर इमारत की एक दीवार अचानक ढहने से मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक अन्य मजदूर को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:27 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि जसोला स्थित एक पुराने और जर्जर भवन को तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत की एक साइड की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
(सांकेतिक फोटो-Istock)
स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से सभी मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 24 वर्षीय विजय की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि एक मजदूर को मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की क्राइम टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - आर्यन की मौत या हत्या? जलभराव और करंट का जिम्मेदार कौन; क्या नाले में गिरने से पहले लगा था इलेक्ट्रिक शॉक
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए भवन गिराने का ठेका लेने वाले शमशुद्दीन, निवासी जामिया नगर, को हिरासत में ले लिया है। वहीं, इमारत के मालिक खुर्शीद की तलाश की जा रही है। प्रशासन की ओर से बदरपुर एसडीएम ने संबंधित परिसर को सील कर दिया है। सरिता विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भवन को गिराने के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और कानूनी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही, निर्माण ध्वस्तीकरण की अनुमति और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी और पास में तैनात सुरक्षा गार्ड सूरज नारायण यादव ने बताया कि चार मजदूर दीवार तोड़ रहे थे, तभी वह अचानक ढह गई और सभी उसके नीचे दब गए। उन्होंने बताया कि एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन को मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में भारी बारिश के दौरान निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने कमजोर और जर्जर इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच के आदेश दिए थे।
