Kolkata News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में Ganguly Home Search Pvt. Ltd. के डायरेक्टर अमित गांगुली को गिरफ्तार किया है। ED के मुताबिक, अमित गांगुली को 15 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्हें 16 सितंबर को कोलकाता के बिचार भवन स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने 4 दिन की ED कस्टडी मंजूर की। ED ने पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज कई FIR के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू की थी। इन FIR में IPC की धाराएं 120B, 419, 420, 423, 467 और 471 लगाई गई थीं। जांच के दौरान ED को कथित तौर पर पता चला कि अमित गांगुली अपने सहयोगियों और विभिन्न कंपनियों/संस्थाओं के जरिए धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के माध्यम से अलग-अलग लोगों और संस्थाओं की बेशकीमती अचल संपत्तियों को हासिल करने, उन पर नियंत्रण करने और उनके अधिकारों को हस्तांतरित करने में शामिल था।
आरोपी के खिलाफ करीब 23 FIR दर्ज (प्रतीकात्मक फोटो)
दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप
ED के मुताबिक, संपत्तियों पर कथित तौर पर झूठे अधिकार जताने के लिए फर्जी Sale Deed, Agreement, Power of Attorney, Gift Deed, Board Resolution समेत कई दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन और नगर निकाय के रिकॉर्ड में भी हेरफेर की गई, ताकि वास्तविक मालिकों के कब्जे और मालिकाना हक को प्रभावित किया जा सके।
Landowners के साथ JV कर अधिकार हड़पने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि अमित गांगुली जमीन मालिकों के साथ Joint Venture (JV) कर उनकी संपत्तियों पर डेवलपमेंट राइट्स हासिल करता था। ED का आरोप है कि इसके बाद वह जमीन मालिकों के वैध हिस्से/अधिकारों को जानबूझकर पूरा नहीं करता था और संपत्तियों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। ED के मुताबिक, इन कथित आपराधिक गतिविधियों से हासिल संपत्तियां और प्रॉपर्टी राइट्स ही अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के दायरे में आते हैं।
अमित गांगुली के खिलाफ करीब 23 FIR
ED ने बताया कि अमित गांगुली के खिलाफ करीब 23 FIR दर्ज हैं। आरोप है कि उसने इसी तरीके से कई निवेशकों और जमीन मालिकों के साथ धोखाधड़ी की। इससे पहले ED ने 28 मार्च 2026 को अमित गांगुली से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। ED के मुताबिक, जब्त सामग्री की जांच में यह भी सामने आया कि अमित गांगुली की रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े मामलों में स्थानीय अधिकारियों और उनके कर्मचारियों पर प्रभाव था। फिलहाल मामले में ED की आगे की जांच जारी है।
