Karnaprayag Landslide: उत्तराखंड में आफत की बारिश लगातार बरस रही है। यहां भारी बारिश के कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड होने की खबर सामने आ रही है। अभी पुरानी घटनाओं से लोग पूरी तरह से उभर भी नहीं पाए हैं कि लगातार भूस्खलन और बादल फटने की नई घटनाएं सामने आ रही हैं। लैंडस्लाइड, बादल फटने और भारी बारिश के कारण यहां हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। कल चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की खबर सामने आई थी और आज कर्णप्रयाग इलाके में भूस्खलन (Landslide) हुआ। कर्णप्रयाग नैनीसैंण मोटर पर भारी मलबा आने से मोटर मार्ग बंद हो गया। वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। पिछले 24 घंटे से मोटर मार्ग के बंद होने के कारण कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क टूट गया है।
इन जिलों में प्राकृतिक आपदा का कहर
उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक कहर बरपा। यहां भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण हालात खराब है। पहाड़ियों से मलबा आने से लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। मलबे में कई मवेशी दब गए हैं। कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है। कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बागेश्वर जिले के कपकोट के पौसारी गांव में तड़के तीन बजे अतिवृष्टि के कारण पहाड़ी से मलबा आने से पांच-छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिसके कारण दो महिलाओं की मौत हो गयी तथा तीन अन्य व्यक्ति लापता हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में मृतक महिलाओं की पहचान बसंती देवी जोशी तथा बचुली देवी के रूप में हुई है। लापता व्यक्तियों में बसंती देवी के पति रमेश चंद्र जोशी, गिरीश तथा पूरण जोशी शामिल हैं। घटना में मृतक बसंती देवी का पुत्र पवन घायल हुआ है। चमोली के जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि मोपाटा में थराली तहसील के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में एक मकान और गौशाला भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए जिससे उसमें रह रहे तारा सिंह और उनकी पत्नी कमला देवी की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मलबे में दबे विक्रम सिंह और उनकी पत्नी को बाहर निकाल लिया गया लेकिन उन्हें चोटें आयी हैं। अधिकारियों ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तथा जखोली क्षेत्रों के छह गांवों में लगातार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
