चमोली के कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग लैंडस्लाइड, मलबे के कारण वाहनों की आवाजाही ठप, दर्जनों गांवों से टूटा संपर्क

Karnaprayag Landslide: उत्तराखंड के चमोली में कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मलबा आ गया है। मलबे के कारण पूरा रास्ता ब्लॉक हो गया है। रास्ता बंद होने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क टूट गया है।

Karnaprayag Landslide: उत्तराखंड में आफत की बारिश लगातार बरस रही है। यहां भारी बारिश के कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड होने की खबर सामने आ रही है। अभी पुरानी घटनाओं से लोग पूरी तरह से उभर भी नहीं पाए हैं कि लगातार भूस्खलन और बादल फटने की नई घटनाएं सामने आ रही हैं। लैंडस्लाइड, बादल फटने और भारी बारिश के कारण यहां हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। कल चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की खबर सामने आई थी और आज कर्णप्रयाग इलाके में भूस्खलन (Landslide) हुआ। कर्णप्रयाग नैनीसैंण मोटर पर भारी मलबा आने से मोटर मार्ग बंद हो गया। वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। पिछले 24 घंटे से मोटर मार्ग के बंद होने के कारण कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क टूट गया है।

इन जिलों में प्राकृतिक आपदा का कहर

उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक कहर बरपा। यहां भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण हालात खराब है। पहाड़ियों से मलबा आने से लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। मलबे में कई मवेशी दब गए हैं। कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है। कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बागेश्वर जिले के कपकोट के पौसारी गांव में तड़के तीन बजे अतिवृष्टि के कारण पहाड़ी से मलबा आने से पांच-छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिसके कारण दो महिलाओं की मौत हो गयी तथा तीन अन्य व्यक्ति लापता हो गए।

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