धार्मिक स्थलों के बाहर या पर्यटन स्थलों पर आपने भिखारियों को जरूर देखा होगा। चौराहों, रेड लाइट, बस स्टैंड, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर भी भिखारियों की दयनीय स्थिति को देखकर आपका भी दिल पिघल जाता होगा। ऐसे में आपका हाथ भी सहसा पर्स की ओर चला जाता होगा और आप भी कुछ न कुछ रुपये उन्हें पकड़ा देते होंगे। लेकिन कुछ लोग भिखारियों का गैंग चलाते हैं, यह जानकारी भी आपको होगी ही। गरीब, अनाथ और असहाय लोगों को जबरन इस धंधे में धकेला जाता है। यही नहीं उन्हें प्रताड़ित भी किया जाता है। ऐसा ही एक मामला कानपुर से सामने आया है, लेकिन यह अपनी तरह का अनोखा मामला है -
भिखारी की प्रतीकात्मक तस्वीर
यह मामला अनोखा इसलिए है, क्योंकि यहां भीख माफिया नहीं, बल्कि एक बीवी अपने पति से भीख मंगवाती है। दैनिक हिंदी अखबार हिंदुस्तान की खबर के अनुसार कानपुर में एक व्यक्ति ने पुलिस कमिश्नर से फरियाद की है। जिस व्यक्ति ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से फरियाद की है उसके दोनों पैर और एक हाथ नहीं है। इस व्यक्ति ने अपनी फरियाद में कहा है कि उसे उसकी बीवी से बचाया जाए।
भीख मंगवाती है बीवी
इस व्यक्ति ने पुलिस कमिश्नर से लगाई फरियाद में कहा है कि उसकी बीवी उससे भीख मंगवाती है। इसके अलावा वह उसके साथ रोज मारपीट भी करती है। व्यक्ति ने फरियाद लगाई है कि उसे उसकी बीवी से तलाक दिलवा कर मुक्ति दिलाई जाए।भीख मांगकर पांच लाख दिए
पुलिस कमिश्नर को दी फरियाद में व्यक्ति ने बताया है कि उसने पांच महीने में भीख मांगकर पांच लाख रुपये अपनी बीवी को दिए हैं। इसके बावजूद वह मारपीट करती है। पुलिस ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है।दरअसल सोमवार को पुलिस कमिश्नर की जनसुनाई में यह शिकायत सामने आई। मूल रूप से बाराबंकी का रहने वाला दिव्यांग मुनव्वर हुसैन पिछले कई वर्षों से शहर के सीसामऊ, परेड और नवीन मार्केट जैसे इलाकों में भीख मांगता है। सोमवार को मुनव्वर ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर आपनी आपबीती सुनाई।
