Kanpur Traffic Diversion : कानपुर शहर को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है। पिछले कई सालों से पूरा शहर धूल-धुआं मिट्टी से भर गया है। भूमिगत और एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक बनाने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खुदाई का कार्य चलता रहा है। हालांकि, कई क्षेत्रों में कार्य पूरा होने के बाद लोगों को मेट्रो का लाभ मिल रहा है। अब फिर डबल पुलिया मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य डबल पुलिया चौक से विजय नगर की तरफ जाने वाली सड़क पर ही होना है, जिसके लिए तीन चरणों में 10 महीने के लिए यातायात डायवर्जन का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके निर्माण कार्य के दौरान मेट्रो बैरिकेडिंग लगाकर साइनेज बोर्ड लगाकर और दुकानों मकानों के लिए उचित पैदल मार्ग का प्रबंध करके यातायात प्रबंधन करेगा।
कानपुर में ट्रैफिक डायवर्जन
डबल पुलिया-विजय नगर तक बदलेगा ट्रैफिक
उधर, घंटाघर पर मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसको इसी साल जुलाई तक पूरा करना है। साथ ही नौबस्ता एलिवेटेड रूट पर नौबस्ता तक कार्य पूरा कर मेट्रो चलाने का प्लान है। वहीं, अब डबल पुलिया मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य डबल पुलिया चौक से विजय नगर की तरफ जाने वाली सड़क पर कराया जाना है, जिसके लिए तीन चरणों में 10 महीने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, इस दौरान जाम देखने को मिल सकता है। लिहाजा, निर्माण कार्य के दौरान मेट्रो बैरिकेडिंग लगाकर, साइनेज बोर्ड लगाकर और दुकानों और मकानों के लिए उचित पैदल मार्ग का प्रबंध करके यातायात प्रबंधन करेगा। यातायात सुचारु करने के लिए मेट्रो ट्रैफिक मार्शल भी तैनात करेगी।
डायवर्जन से लोगों की आफत
जानकारी के मुताबिक, मेट्रो निर्माण के चलते देवकी चौराहा से नीरक्षीर चौराहा के बीच डायवर्जन 25 फरवरी को किया गया था। हालांकि, डायवर्जन लागू करने के बाद सड़कों के किनारे अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यातायात अव्यवस्थित बना रहता है। लिहाजा, अक्सर जाम लगता है। इसके अलावा निर्माण कार्य क्षेत्र के बीच पड़ने वाले मकानों और दुकानों के लिए पैदल मार्ग की व्यवस्था दुरुस्त न होने से लोगों और व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
50 हजार वाहन गुजरते हैं
उधर, बर्रा, शास्त्री चौक, दादानगर और विजयनगर की तरफ से आवास विकास और कल्याणपुर जाने वाले लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। यही कारण है कि इस, प्रस्तावित मुख्य मार्ग से रोजाना 50 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। ऐसे में थोड़ा भी ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने पर लंबा लगता है। खासकर, मेट्रो के कार्य के कारण सड़क मार्ग काफी संकरा हो जाता है, जिसने वाहनों की लंबी कतार देखी है। साथ ही डायवर्जन व्यवस्था सुचारु न होने से लोगों को पुलिस को भी परेशानी होती है। इसके अलावा मेट्रो ने काकादेव से नीरक्षीर चौराहा के बीच डायवर्जन करने के लिए मार्ग में उचित प्रकाश व्यवस्था की बात कही गई थी जिस पर भी काम नहीं किया गया।
एडीसीपी ने कही ये बात
एडीसीपी ट्रैफिक शिवा सिंह के मुताबिक, मेट्रो ने कारिडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निर्माण के चलते यातायात डायवर्जन का प्रस्ताव भेजा है। ट्रैफिक पुलिस मौके पर जाकर प्रस्तावित मार्ग पर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करके डायवर्जन की व्यवस्था करेगी।
