Holi 2023: फूल और अरारोट बने रंग बढ़ाएंगे होली की उमंग, कानपुर के नेचुरल गुलाल की देशभर में सबसे ज्यादा डिमांड

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 4, 2023, 06:28 PM IST

Holi Special: कानपुर में होली के रंग और गुलाल बनाने का काम जोरों पर है। कानपुर में बना अबीर और गुलाल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में जाता है। प्राकृतिक रंग तैयार करने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल फूल और अरारोट का इस्तेमाल किया जाता है। यह त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • मथुरा के बाद कानपुर में खेली जाती है सबसे ज्यादा लंबे समय तक होली
  • कानपुर के कारोबारी ने गुलाल और अबीर बनाने में जुटे
  • यूपी ही नहीं देश के कई हिस्सों में जाता है गुलाल


Holi Special: होली का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। होली की तैयारी पूरे भारत में जोर-शोर से चल रही है। बाजारों में होली को लेकर खास रौनक देखाई दे रही है। रंग-बिरंगे गुलाल और रंग से बाजार सराबोर दिखाई देने लगे हैं। बाजार में कई तरह के रसायनिक रंग बिकने शुरू भी हो गए हैं। लेकिन इन रंगों से होने वाले नुकसान से बचाव को अब होली पर प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल का चलन बढ़ने लगा है। उत्तर प्रदेश के मथुरा के बाद कानपुर में सबसे ज्यादा लंबे समय तक होली खेली जाती है। यही कारण है कि यहां के कारोबारी ने गुलाल और अबीर बनाने में जुटे हैं। अबीर गुलाल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में कानपुर से ही बनकर जाता है।

Kanpur Holi 2023

नेचुरल गुलाल फूलों के रस और अरारोट से होता है तैयार

आपको बता दें कि कानपुर में फूलों के रस और अरारोट में कलर मिलाकर गुलाल तैयार किया जाता है। यह गुलाल नेचुरल होता है। यह त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता है। कानपुर में लाल, नीला, हरा, गुलाबी और भगवा रंग समेत कई रंगों के गुलाल तैयार होते हैं, हालांकि इस वर्ष भगवा रंग की मांग सबसे अधिक है।

End of Feed