Kanpur Human Trafficking Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के मछरिया के युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर एक जानकार अपने साथ ले गया। इसके बाद आरोपी ने उसे झकरकटी पुल के नीचे बंधक बनाकर यातनाएं दीं। यहां युवक के हाथ-पैर तोड़ दिए और आंखें फोड़ दीं। यातनाएं देने के बाद उससे भीख मंगवाई गई। रविवार को किदवई नगर चौराहे पर वह राहगीर को मदद मांगते हुए मिला। राहगीर की मदद से सुरेश मांझी (30) नौबस्ता स्थित अपने घर पहुंचा। गुरुवार को मामले में परिजनों से नौबस्ता थाने में तहरीर दी। इस दौरान परिजनों ने हंगामा भी किया। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर हंगामा, पुलिस लोगों को समझाते हुए
दिल्ली में राज नाम के शख्स को 70 हजार रुपये में बेचा
जानकारी के अनुसार मूलरूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला रमेश मांझी (38) अपने छोटे भाई सुरेश (30) के साथ मछरिया के नाला रोड पर झुग्गियों में रहता है। भिखारी गैंग के चंगुल से छूटकर घर पहुंचे सुरेश ने बताया कि करीब छह महीने पहले मछरिया में रहने वाला विजय काम के बहाने अपने साथ ले गया था। आरोपी उसे सुनसान जगह ले गया और दोनों हाथ-पैर तोड़ दिए। आरोपी ने 12 दिनों तक अपने घर में कैद करके रखा। आरोपी ने दोनों आंखें केमिकल डालकर फोड़ दीं। इसके बाद आरोपी ने चापड़ से दांत तोड़ दिए। झकरकटी पुल के नीचे बस्ती में विजय ने उसे किसी औरत को सौंप दिया। यहां उसे जहरीले इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद विजय को राजधानी दिल्ली में राज नाम के शख्स को 70 हजार रुपये में बेच डाला। यहां उससे भीख मंगवाई गई। सुरेश ने बताया कि दिल्ली के नगोई में बंद कमरे में रखा जाता था। मेरे जैसे वहां बहुत लोग थे। रोजाना सड़क-चौराहों पर दिनभर भीख मांगते थे। शाम को एक साहब आता और पूरा पैसा ले जाता था। उसके बाद रात में उसी कमरे में बंद कर देते थे।
नशीले इंजेक्शन से तबीयत बिगड़ी तो वापस कानपुर भेजा
सुरेश ने बताया कि रात में नशीले इंजेक्शन देते थे, ताकि सुबह तक बेहोश रहे। इंजेक्शन से उसकी तबीयत बिगड़ती गई। इस पर गैंग के लीडर ने दो माह पहले उसे आरोपी विजय के हाथों फिर से कानपुर भेज दिया। तब से आरोपी विजय सुरेश से शहर में ही भूखा-प्यासा रखकर भीख मंगवा रहा था। रविवार को किदवई नगर चौराहे पर किसी दिहाड़ी मजदूर की नजर सुरेश पर पड़ी। सुरेश ने मदद मांगी तो उसने घर वालों को खबर दी। परिजन सुरेश को नौबस्ता स्थित अपने घर लेकर पहुंचे। गुरुवार को परिजनों से नौबस्ता थाने में तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है।
