वसूली रैकेट...ब्लैकमेलिंग; लोगों पर लगवाए गलत रेप केस; कौन है अखिलेश दुबे जिससे दोस्ताना रखने पर 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के कानपुर में जेल में बंद वकील अखिलेश दुबे से मिलीभगत के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच से पता चला कि इन अधिकारियों ने कथित तौर पर दुबे और उसके गिरोह को ज़मीन हड़पने के मामलों में मदद की, शिकायतों को दबाया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए बिना अदालतों में अनुकूल ज़मानत रिपोर्ट भी भेजीं।

कानपुर : जेल में बंद वकील अखिलेश दुबे के साथ मिलीभगत करने और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में शनिवार को चार निरीक्षकों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। दुबे पर जबरन वसूली का रैकेट चलाने और नामी हस्तियों को ब्लैकमेल करने के आरोप हैं, उसे तीन हफ्ते पहले ही जेल भेजा गया था। पुलिस ने एक बयान में कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया उनमें इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह, नीरज ओझा, अमन, आशीष कुमार द्विवेदी (तत्कालीन थाना प्रभारी क्रमशः पनकी, बर्रा, ग्वालटोली और फजलगंज) के अलावा दो उप निरीक्षक (एसआई) आदेश कुमार यादव और सनोज पटेल शामिल हैं। मानवेंद्र सिंह और नीरज ओझा को चार दिन पहले कानपुर के रिजर्व पुलिस लाइन स्थित कमांडो यूनिट में भेजा गया था।

policemen suspended in Akhilesh Dubey Case

अखिलेश दुबे (फोटो-@AnilYadavmedia1)


दुबे पर क्या हैं आरोप?

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि निलंबित पुलिसकर्मी पर घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और अपराधियों को बचाने के आरोप हैं, जिसके बाद शनिवार को यह कार्रवाई की गई। जांच से पता चला कि इन अधिकारियों ने कथित तौर पर दुबे और उसके गिरोह को ज़मीन हड़पने के मामलों में मदद की, शिकायतों को दबाया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए बिना अदालतों में अनुकूल ज़मानत रिपोर्ट भी भेजीं।

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