Kal Ka Mausam: दक्षिण में 'दितवाह' का कहर बरकरार; अगले 24 घंटे तक अलर्ट, उत्तर भारत में शीतलहर जारी

Kal Ka Mausam, 1 दिसंबर 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देशभर में ठंड ने अपनी तीव्रता बढ़ा दी है और कई हिस्सों में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर जारी है। हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और मणिपुर के कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जबकि पंजाब और मध्य भारत में शीतलहर के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में ठंड और बारिश का असर कई राज्यों में जारी रहने की संभावना है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): इन दिनों देश में ठंड अपने चरम पर है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हुई। हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और मणिपुर के कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिसकी दृश्यता 50 से 199 मीटर के बीच थी। पंजाब के कुछ हिस्सों में भीषण शीतलहर के हालात बने और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीतलहर की स्थिति देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, कल का चक्रवाती तूफान “दितवाह” दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इसके पास के उत्तरी श्रीलंका में केंद्रित था। यह तूफान धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। 30 नवंबर 2025 को सुबह 5:30 बजे IST के अनुसार इसका केंद्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों पर था।

Kal Ka Mausam 1 December 2025

कल का मौसम 1 दिसंबर 2025

पिछले 6 घंटों में यह तूफान लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ता रहा और अपनी तीव्रता बनाए रखा। 30 नवंबर 2025 को सुबह 8:30 बजे IST तक इसका केंद्र अक्षांश 11.4° उत्तर और देशांतर 80.6° पूर्व पर स्थित था। यह क्रमशः कुड्डालोर से 100 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, कराईकल से 100 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व, पुदुचेरी से 110 किमी दक्षिण-पूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तर-पूर्व और चेन्नई के दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था। उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से चक्रवात का न्यूनतम दूरी लगभग 70 किमी थी। आगामी 24 घंटों में यह तूफान उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। दोपहर और शाम तक यह तट से क्रमशः लगभग 60 किमी और 30 किमी दूर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित होगा। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायु के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तरी हरियाणा में और निचले क्षोभमंडल स्तर पर पड़ोसी क्षेत्रों में सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडल स्तर में यह एक गर्त के रूप में देशांतर 61°E और अक्षांश 20°N के उत्तर में चलता है। कल, 1 दिसंबर की सुबह के शुरुआती घंटों में मणिपुर और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में घने कोहरे की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी 1 से 3 दिसंबर तक घने कोहरे का असर रह सकता है। शीतलहर के हालात कुछ क्षेत्रों में संभावित हैं। मध्य महाराष्ट्र और पंजाब में 1 से 3 दिसंबर तक; मराठवाड़ा में 2 और 3 दिसंबर को; तथा पूर्वी राजस्थान में 4 से 7 दिसंबर के दौरान विभिन्न स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।

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