Kal Ka Mausam: मानसून की फिर बदली चाल! दिल्ली-यूपी से बिहार, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों तक बारिश का अलर्ट; वेदर सिस्टम ने बढ़ाई हलचल

Kal Ka Mausam 8 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: मानसून की सक्रियता के बीच देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और बारिश की गतिविधियां अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिलेंगी। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार और राजस्थान तक बारिश के आसार हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में भी वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने तथा कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

Kal Ka Mausam 8 September 2026: देश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते बारिश का दौर जारी रहने वाला है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम करवट ले सकता है। दिल्ली, यूपी और बिहार समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं, जबकि पहाड़ी राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी कई जगहों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस समय मानसून की अक्षीय रेखा (Axial Line) समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब आगे बढ़कर मध्य उत्तर प्रदेश के हिस्सों में पहुंच गया है।

Kal Ka Mausam 8 September 2026

कल का मौसम कैसा रहेगा? (AI Image)

इसके अलावा, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण गुजरात से मध्य उत्तर प्रदेश में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) से जुड़ी चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तक एक द्रोणिका बनी हुई है। कश्मीर और आसपास के इलाकों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। वहीं, एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तर पर द्रोणिका के रूप में मौजूद है, जिसकी धुरी मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर लगभग 75 डिग्री पूर्वी देशांतर से 29 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर तक फैली हुई है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में भी एक द्रोणिका सक्रिय है, जो निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण तेलंगाना से होते हुए मन्नार की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। पश्चिमी असम और आसपास के इलाकों में भी इसी स्तर पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते आने वाले समय में कई क्षेत्रों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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