Kal Ka Mausam: दिल्ली से एमपी तक मौसम का बड़ा उलटफेर! कोहरे और शीतलहर को लेकर IMD का अलर्ट

Kal Ka Mausam, 6 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप है, जो आम जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने के साथ ठंड और तेज बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में ठंड, कोहरा और शीतलहर का असर कई राज्यों में जारी रहने की संभावना है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): कोहरे और शीतलहर से लोगों का हाल बेहाल है। दिल्ली एनसीआर में इन दिनों हल्की धूप से थोड़ी बहुत राहत तो है पर सुबह-शाम की ठंड अब भी तेज है। बीते घंटों के दौरान, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा, जहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। वहीं मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी घने कोहरे की स्थिति रही। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और असम के विभिन्न इलाकों में 50 से 199 मीटर तक दृश्यता वाली घने कोहरे की स्थितियां देखी गईं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोल्ड डे से लेकर गंभीर कोल्ड डे जैसी परिस्थितियां बनी रहीं, जबकि हरियाणा और बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में शीत दिवस की स्थिति दर्ज की गई।

Kal Ka Mausam 6 January 2025

कल का मौसम 6 जनवरी 2026

उत्तराखंड के कई स्थानों पर पाला पड़ने के संकेत मिले। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम में कई जगहों पर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडल के स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के हिस्सों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती प्रणाली के तौर पर मौजूद है। उप-उष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर फैली हुई है, जहां समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर मुख्य हवाएं करीब 130 नॉट की गति से बह रही हैं। इसके अलावा, भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों से लगे निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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