Kal Ka Mausam: विदाई की राह पर मानसून, लेकिन नहीं थमेगा बारिश का सिलसिला! पहाड़ों से मैदानों और दक्षिणी राज्यों तक मौसम लेगा करवट

Kal Ka Mausam 4 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: मानसून की विदाई के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का रंग बदलता नजर आ रहा है और कई राज्यों में बारिश का दौर फिर सक्रिय होने वाला है। दिल्ली में जहां मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है, वहीं यूपी-बिहार से लेकर पहाड़ी इलाकों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं, जबकि मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी है।

Kal Ka Mausam 4 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी के साथ मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अब 27.5° उत्तरी अक्षांश/86.5° पूर्वी देशांतर से सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई होते हुए 17.5° उत्तरी अक्षांश/71.8° पूर्वी देशांतर तक पहुंच गई है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश हिस्सों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और क्षेत्रों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ भागों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।

Kal ka Mausam

कल का मौसम कैसा रहेगा? (AI Generated/Verified by Newsroom)

वेदर सिस्टम की जानकारी देते हुए मौसम विभाग ने बताया कि इस समय कई ऊपरी वायुमंडलीय प्रणालियां सक्रिय हैं। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके साथ करीब 92.5° पूर्वी देशांतर और 24.8° उत्तरी अक्षांश के आसपास उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ भी मौजूद है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर और आसपास के क्षेत्र में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र में भी निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण देखा जा रहा है। वहीं कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भी इसी स्तर पर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ रेखा सक्रिय है।

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