कल का मौसम (Kal Ka Mausam): उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कई राज्यों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है, जबकि हीटवेव का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में दिखाई देने वाला पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), ऊंचाई के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर झुकता है, और मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में संबंधित गर्त लगभग 78° पूर्व देशांतर के अनुदिश 25° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर स्थित पछुआ हवाओं में एक गर्त लगभग 90° पूर्व देशांतर के अनुदिश 21° उत्तर अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है। पूर्वी मध्य और दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निचले से ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। इसके साथ ही पूर्वी मध्य और दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से लक्षद्वीप क्षेत्र तक मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त फैला हुआ है। दक्षिणपूर्वी अरब सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। दक्षिणपश्चिमी अरब सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है।
कल का मौसम 31 मई 2026
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में जारी हीटवेव की स्थिति अब काफी हद तक कमजोर पड़ गई है और शेष क्षेत्रों में भी इसके जल्द कम होने की संभावना है। वहीं, इस सप्ताह उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 31 मई को उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से तीव्र गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली में कल दिन की शुरुआत आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ होगी, जबकि बाद में आसमान पूरी तरह बादलों से ढक सकता है। शाम और रात के दौरान कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति कुछ समय के लिए 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहने की संभावना है। हवा की दिशा मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी रहने का अनुमान है। सुबह के समय सतही हवाओं की गति करीब 25 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवा की रफ्तार घटकर 22 किमी प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है, जबकि शाम और रात के समय यह और कमजोर होकर 15 किमी प्रति घंटे से नीचे रह सकती है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
31 मई को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज़ हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसका असर कुछ क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 1 जून तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लू की स्थिति कमजोर बनी रहेगी।
बिहार में कल के मौसम का हाल
कल बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम बदला हुआ रह सकता है। राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने के आसार हैं। बिहार में 31 मई और 1 जून के बीच आंधी, बारिश और बिजली चमकने की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है। खासकर उत्तरी और मध्य जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। आगे भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई संभागों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के मुताबिक, उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मौसम का हाल कुछ ऐसा रहेगा जहां उत्तराखंड में 31 मई को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में 30 और 31 मई को ओलावृष्टि होने की आशंका है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में भी मौसम करवट ले सकता है। 4 और 5 जून को कई स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान भूस्खलन, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बना रह सकता है। मौसम गतिविधियों के कारण इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अपेक्षाकृत कम रहने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
कहां जारी हुआ IMD का रेड अलर्ट?
IMD ने कल उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज आंधी-तूफान के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं, राजस्थान में धूलभरी आंधी, ओलावृष्टि और तेज तूफानी हवाओं का खतरा बना रहेगा। IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों में न रुकने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं जान-माल के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।
तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जबकि राज्य के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी रहेगी। मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण को मौसम के बदलते मिजाज की वजह बताया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बड़े पैमाने पर बारिश होने की संभावना है। तिरुचिरापल्ली, नामक्कल, नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुपुर, डिंडीगुल और थेनी जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। वेल्लोर, तिरुपत्तूर, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, करूर, सेलम और इरोड जिलों में भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आगे बताया कि नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, डिंडीगुल, इरोड, नामक्कल और तिरुपत्तूर जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद के दिनों में, तिरुपुर, सेलम, तिरुवन्नामलाई, कृष्णागिरी, करूर, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, धर्मपुरी, मदुरै और शिवगंगा जैसे जिलों में भी अच्छी-खासी बारिश हो सकती है।
