Kal Ka Mausam: अक्टूबर की शुरुआत में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, यूपी-बिहार से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश के आसार

Kal Ka Mausam 3 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: अक्टूबर की शुरुआत के साथ देश के मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में बारिश का सिलसिला सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली में जहां मौसम साफ और सुहावना रहने के आसार हैं, वहीं यूपी-बिहार समेत मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

Kal Ka Mausam 3 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई का सिलसिला जारी है, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। वहीं, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, जबकि यूपी-बिहार में कुछ इलाकों में बारिश दस्तक दे सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार आगे बढ़ रही है। मानसून की वापसी रेखा इस समय 32.5°N/72.5°E से गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नलिया होते हुए 23.0°N/67.8°E तक बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

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कल का मौसम कैसा रहेगा? (AI Generated/ Verified by Newsroom)

इसके अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पूरे क्षेत्र में मानसून पीछे हट सकता है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के आसार हैं। वहीं वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर म्यांमार और आसपास के दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, मिजोरम तथा उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) अब कमजोर होकर समाप्त हो गया है। इसके अलावा सिक्किम और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम और आसपास भी इसी तरह का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। केरल तट से दूर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक निचले स्तर पर एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका के ऊपर भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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