Kal Ka Mausam: मानसून करेगा इन राज्यों को तरबतर, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ होगी जोरदार बारिश; IMD का अलर्ट

Kal Ka Mausam 3 July 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam Kaisa Rahega: देशभर में मानसून लगभग पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियों के असर से अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ कहीं भारी वर्षा, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार रफ्तार पकड़ रहा है और 2 जुलाई तक यह दिल्ली, पूरे उत्तर प्रदेश समेत कई नए इलाकों में पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव व भूस्खलन को लेकर सतर्क रहने की सलाह जारी की है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर ओडिशा तट के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से 2 जुलाई को सुबह 8:30 बजे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल तट के पास एक निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बन गया।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम 3 जुलाई 2026

मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली अगले 2 से 3 दिनों में और अधिक मजबूत हो सकती है। समुद्र तल पर सक्रिय मानसूनी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) इस समय उत्तर-पश्चिम राजस्थान से होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक फैली हुई है। इसके मार्ग में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जिसका प्रभाव निचले क्षोभमंडलीय स्तर तक देखा जा रहा है। इसके अलावा, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक समुद्र के समानांतर एक ऑफ-शोर ट्रफ भी बनी हुई है, जो पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। वहीं, मध्य क्षोभमंडल में लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 62° पूर्व देशांतर के आसपास 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार लगभग 21° उत्तरी अक्षांश के आसपास निचले और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच एक शियर जोन भी मौजूद है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में आगामी दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज होने और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

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