Kal Ka Mausam: आसमान से बरस रही राहत या आफत? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें सावन के पहले सोमवार कैसा रहेगा मौसम

Kal Ka Mausam 3 August 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: अलग-अलग मौसम प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने वाला है। दिल्ली, यूपी और बिहार से लेकर राजस्थान, एमपी और पश्चिम बंगाल तक कई राज्यों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। वहीं, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि तमिलनाडु में बारिश के साथ उमस और गर्मी भी परेशान कर सकती है।

Kal Ka Mausam 3 August 2026: कल सावन का पहले सोमवार है। वहीं देश के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कई इलाकों में भी भारी से हल्की-मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो मानसून ट्रफ की पश्चिमी शाखा इस समय अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है, जबकि इसका पूर्वी हिस्सा सामान्य स्थिति से उत्तर में मौजूद है। इसके चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम कैसा रहेगा?

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में बना वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (Well-Marked Low Pressure Area) कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल गया है। 1 अगस्त की शाम तक यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था और 2 अगस्त की सुबह भी इसी क्षेत्र में बना हुआ है। इसके अलावा निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ पश्चिमी राजस्थान से लेकर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक फैली हुई है। वहीं, समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ (Off-shore Trough) सक्रिय है। उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। उधर, उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश और उससे सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के ऊपर निचले स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक भी एक ट्रफ बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि 4 अगस्त 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

End of Feed