Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसम अपने रंग दिखा रहा है। उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है, जिस पर 26 अप्रैल को थोड़ा ब्रेक लग सकता है। स्काईमेट के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिन में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून के पहले पैटर्न का असर रहने से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं यानी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और गरज चमक भी देखने को मिलेगी। अगले 24 घंटे के दौरान पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दरम्यान मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, लक्ष्यद्वीप, केरल और तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है। उधर, दक्षिण भारत के सिक्किम, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की बारिश के आसार हैं। कमोबेश यही हालात पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में देखने को मिलेंगे, जिससे बढ़ती गर्मी से लोगों को खासी राहत होगी।
कल का मौसम
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 23 °C | 41 °C |
| मुंबई | 27 °C | 33 °C |
| पटना | 25 °C | 42 °C |
| भोपाल | 27 °C | 39 °C |
| जयपुर | 29 °C | 40 °C |
| लखनऊ | 24 °C | 42 °C |
| देहरादून | 16 °C | 34 °C |
| शिमला | 9 °C | 26 °C |
| कश्मीर | 3 °C | 16 °C |
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और मौसम विभाग ने दिन में भीषण गर्मी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। आईएमडी उस समय भीषण गर्मी की घोषणा करता है जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और तटीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचता हो, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं। लेकिन, 26 अप्रैल से मौसम में नर्मी आने के साथ बादल छाए रह सकते हैं। हो सकता है इस दौरान बारिश दर्ज की जाए।
दिल्ली में कितना प्रदूषण?
दिल्ली में एक्यूआई 239 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है।
राजस्थान का मौसम कैसा है?
राजस्थान के अधिकतर इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं और यह दौर अभी जारी रहने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों में राज्य के अनेक हिस्से लू की चपेट में रहेंगे। चौबीस घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा तथा जयपुर व जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं लू का प्रकोप देखा गया। इस दौरान राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक है। राज्य में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान बाड़मेर में 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान में बारिश का अलर्ट
इसके अनुसार आगामी 2-3 दिन में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की संभावना है। 25 से 30 अप्रैल को राज्य के पश्चिमी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं लू चल सकती है। वहीं एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 26 अप्रैल को जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में दोपहर बाद मेघगर्जन व हल्की बारिश हो सकती है, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं/आंधी चल सकती हैं। इसी तरह मई के पहले हफ्ते में पूर्वी हवाएं प्रभावी होने व एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी तथा तापमान में कमी होने से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में अप्रैल से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
