Kal Ka Mausam: अगले पांच दिनों में फिर बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक बारिश बढ़ाएगी मुश्किल, कई राज्यों में अलर्ट जारी

Kal Ka Mausam 25 August 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक बनी रहने वाली हैं, जिससे अलग-अलग राज्यों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के साथ मध्य, पूर्वोत्तर तथा दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है।

Kal Ka Mausam 25 August 2026: देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है और अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान समेत मध्य भारत में बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो इस समय मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास है।

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कल का मौसम 25 अगस्त 2026

24 अगस्त 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्र और उससे सटे झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब भी इन इलाकों में सक्रिय है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड और उत्तरी ओडिशा से होते हुए लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक ट्रफ दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल तथा आसपास के झारखंड-उत्तरी ओडिशा क्षेत्र में बने निम्न दबाव वाले सिस्टम से जुड़ी चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तक फैली हुई है। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसकी धुरी लगभग 68 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है। उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में भी ऐसा ही एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर मध्य से ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तर तक एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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