Kal Ka Mausam : 72 घंटे भारी बारिश का पूर्वानुमान, 20 राज्यों में कड़केगी बिजली आएगा तूफान; IMD ने किया सावधान

कल का मौसम कैसा रहेगा (21 अगस्त 2026) : मानसून के असर से अधिकांश राज्यों में मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट घोषित है। लेकिन, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों पर मूसलाधार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ का खतरा बढ़ने ती चेतावनी है। वहीं, पहाड़ों पर अच्छी खासी बारिश के कारण लैंडस्लाइड का डर बना हुआ है। उधर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारतीय राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा का अनुमान है। हालांकि, कुछ राज्यों में अगले कुछ दिन सूखे जैसे हालात रहने की संभावना बन सकती है।

कल का मौसम कैसा रहेगा : देशभर में मानसून सक्रिय है और बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे के दौरान पहाड़ों पर यानी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू के ऊंचे हिस्सों से लेकर निचले इलाकों तक तेज बारिश की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने, बाढ़ और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की गई है। इधर, उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही रहेगी और कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। स्काईमेट ने दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर में असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश के साथ पश्चिम बंगाल में मूसलाधार पानी बरसने का पूर्वानुमान जताया गया है। कमोबेश मौसम के यही हाल महाराष्ट्र और गुजरात के हिस्सों पर भी दिखाई देंगे। इस दौरान कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ का खतरा बना रहेगा।

Kal Ka Mausam

मौसम आज-कल

यूपी-एमपी का मौसम कैसा रहेगा

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों पर बारिश का सिलसिला जारी है। सबसे अधिक पानी एमपी के सीधी और यूपी के हरदोई जिले में बरसा। आईएमडी ने अगले 48 घंटे तक मेघ गर्जन के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें यूपी के प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, फुरसतगंज, ललितपुर और झांसी हैं, जबकि एमपी के टीकमगढ़, छतरपुर, दतिया, नौगांव, पन्ना, सागर, सतना, खजुराहो, सीधी और आस-पास अधिक संभावना है। बारिश के साथ बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं चलने की खतरा है। पानी के अधिक प्रवाह के कारण बाढ़ आने और निचले इलाकों में पानी भरने की काफ़ी संभावना है।

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