Kal Ka Mausam 20 July 2026: देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ पर्वतीय इलाकों में अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर लगभग सामान्य स्थिति में है।
कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर झारखंड और आसपास के बिहार क्षेत्र पर भी निचले स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर बिहार से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ (द्रोणिका) फैली हुई है, जो वर्षा गतिविधियों को प्रभावित कर रही है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडल में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके अलावा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण छत्तीसगढ़ के आसपास मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। केंद्रीय असम और उससे लगे नागालैंड के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे इस क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियों को बल मिल सकता है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में सोमवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर के दौरान राजधानी के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। हवा के झोंकों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद शाम और रात के समय भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का एक और दौर देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से कम रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा सकता है। हवा की दिशा और गति में भी दिनभर बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह के समय पश्चिमी दिशा से लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दोपहर में हवा की गति घटकर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी और दिशा दक्षिण-पश्चिमी हो जाएगी। वहीं शाम और रात के दौरान एक बार फिर पश्चिमी दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
20 जुलाई को उत्तर प्रदेश में मानसून का पूरा असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। राज्य के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की भी संभावना है। बारिश के साथ मौसम सुहावना रहेगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। आईएमडी का कहना है कि, 20 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, 21 और 22 जुलाई तक प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी, जिससे कई जिलों में लगातार वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में भी कल मानसून का तगड़ा प्रभाव बना रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं 21 से 24 जुलाई के बीच भी कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
राजस्थान में अगले पांच दिनों का मौसम
20 जुलाई से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 20 से 25 जुलाई के बीच कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में इस अवधि के दौरान छिटपुट स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं, लेकिन 21 से 24 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने 20 से 25 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में भी 20 से 25 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बारिश की बात करें तो पूर्वी राजस्थान में 20 से 25 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 21 से 24 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
मध्य भारत में बढ़ेंगी मानसून की सक्रियता
मध्य भारत में आगामी दिनों के दौरान मानसून काफी सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य प्रदेश में 20 और 21 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 22 से 25 जुलाई के दौरान अधिकांश इलाकों में व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 से 25 जुलाई तक कई स्थानों पर अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं विदर्भ में 22 से 24 जुलाई के बीच अधिकांश हिस्सों में वर्षा होने की संभावना है, जबकि 20, 21 और 25 जुलाई को कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी इसी अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तराखंड में जारी हुआ रेड अलर्ट
उत्तराखंड में इन दिनों मानसून अपना कहर बरपा रहा है। IMD ने देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में सोमवार 20 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं 21 जुलाई के लिए देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर् जारी किया गया है। 22 जुलाई के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट’जारी करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को (खासतौर से पर्यटकों को) सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल में अगले दो दिनों तक भारी बारिश संभावना
वहीं पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की भी चेतावनी दी। बताया गया है कि दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडक समेत क्षेत्र की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। IMD के अनुसार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, जबकि अन्य पहाड़ी जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 से 23 जुलाई के बीच दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हावड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों तक राज्य की राजधानी कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है।
तमिलनाडु के पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान
साथ ही IMD ने यह भी अनुमान लगाया है कि 24 जुलाई तक तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों में मध्यम बारिश होगी। वहीं, राज्य के अधिकतर हिस्सों में आने वाले दिनों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान के अनुसार, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु के आसपास के इलाकों में बन रहे एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन (वायुमंडलीय परिसंचरण) का असर मौजूदा मौसम पर पड़ रहा है। इस सिस्टम से पश्चिमी घाट में नमी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे 24 जुलाई तक पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के लिए अनुकूल हालात बनेंगे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश से पश्चिमी घाट के उन जिलों को राहत मिल सकती है, जहां हाल के हफ्तों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखा गया है। हालांकि, राज्य के बाकी हिस्सों में बड़े पैमाने पर भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। पश्चिमी घाट इलाके के अलावा, अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु में एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। पुडुचेरी और कराईकल में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, जहां कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है।
