Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा): उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड के प्रचंड प्रहार से लोग व्याकुल हैं। लगातार ठंड की वजह से लोगों का बाहर निकलना दुश्वार हो रखा है। शीतलहर की वजह से लोग सुबह देर तक रजाई छोड़ने को तैयार नहीं हैं। शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते कई लोग बिस्तर में दुबके रहे। शनिवार को दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में हल्की बारिश ने ठिठुरन और भी बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से एक तरह वहां पर ठंड का प्रकोप और बढ़ा है तो दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में भी गलन बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर और समूचे उत्तर प्रदेश के साथ ही राजस्थान, हरियाणा-पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार में सर्दी का सितम जारी है और फिलहाल इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं है। कल यानी 13 जनवरी 2025 को लोहड़ी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर हर कोई जानना चाहेगा कि आखिर इस दिन मौसम की चाल कैसी रहेगी। तो देर किस बात की, चलिए कल के मौसम के बारे में जानते हैं।
कैसा रहेगा लोहड़ी के दिन मौसम
जिस पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की बात मौसम विभाग कई दिनों से कर रहा था, उसकी वजह से आज भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हुई है। विशेष तौर पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में रविवार 12 जनवरी को बर्फबारी हुई और उत्तरी पंजाब व उत्तरी हरियाणा में बारिश ने ठंड और बढ़ा दी है। दक्षिण भारत की बात की जाए तो तमिलनाडु और केरल में आज यानी 12 जनवरी को बारिश और थंडरस्टॉर्म की भविष्यवाणी की गई है। उत्तर मध्य प्रदेश में भी आज के लिए हल्की बारिश की भविष्यवाणी की गई थी। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भी आज हल्की बारिश देखी गई है। उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में आज हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना जतायी गई है।
कल सुबह घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आज यानी रविवार 12 जनवरी की रात और कल सोमवार 13 जनवरी यानी लोहड़ी पर्व की सुबह घना कोहरा हो सकता है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में आज रात और कल सुबह घने कोहरे की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी आज रात और कल सुबह घना कोहरा देखने को मिल सकता है। पूर्वी भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी घना कोहरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में अगले दो-तीन दिन मध्यम से घना कोहरा रहेगा।
सूर्य देव आसमान से नदारद रहेंगे
सर्दियों में हर किसी को सूर्य निकलने का इंतजार होता है। जैसा कि आज भी दिल्ली-एनसीआर में सूरज के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन लोग ठंड में ठिठुरते रहे। रविवार के दिन कोल्ड डे होने से लोग दिन भर रजाई के अंदर रहे। लेकिन कल यानी 13 जनवरी को सोमवार है और सभी लोग अपने-अपने कामों पर लौटेंगे। जिन बच्चों की स्कूल की छुट्टियां थीं, उनके स्कूल भी खुल रहे हैं। इसके अलावा कल लोहड़ी का त्योहार भी है, इस अवसर पर लोग बाहर निकलेंगे। कल पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कोल्ड रहेगा। एनसीआर के लोगों को भी लोहड़ी के दिन ठंड से राहत नहीं मिलेगी।
लोहड़ी के दिन बारिश की भविष्यवाणी
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो अभी पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। इसकी वजह से आज कई स्थानों पर बारिश हुई। लेकिन कल 13 जनवरी को यहां बारिश की संभावना न के बराबर है। मौसम विभाग ने 13 जनवरी के लिए देश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन केरल और तमिलनाडु के अलावा उत्तर-पूर्वी राज्यों में थंडरस्टॉर्म की संभावना है।
2-3 डिग्री और गिरकर हड्डियां गलाएगा तापमान
मौसम विभाग ने कल यानी सोमवार ही नहीं बल्कि अगले 48 घंटे के लिए तापमान का अनुमान भी जारी किया है। IMD के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में अगले 48 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है और उसके बाद अगले 3 दिनों को दौरान 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यहां तापमान में बढोतरी देखने को मिलेगी
IMD के अनुसार पूर्वी भारत में अगले 48 घंटे में 2-3 डिग्री तापमान बढ़ने की संभावना है। हालांकि, उसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। बात पश्चिमी भारत की करें तो गुजरात, महाराष्ट्र और उसके आसपास के इलाकों में भी अगले 48 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री की गिरावट की संभावना है। उसके बाद 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
14 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग का कहना है कि 14 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिसके कारण 15 से 17 जनवरी तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर के मैदानी इलाकों में बारिश होगी। यही नहीं, पहाड़ों में भी इसके कारण बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
