Kal Ka Mausam: उत्तर से पूर्वी राज्यों तक बढ़ेगी ठिठुरन, कोल्ड डे बनेगा चुनौती; शीतलहर और घने कोहरे को लेकर IMD का अलर्ट

Kal Ka Mausam, 12 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी का प्रकोप लगातार बना हुआ है, जहां शीतलहर, घना कोहरा और कहीं-कहीं हल्की बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य क्षेत्रों तक तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में ठंड और कोहरे की स्थिति बरकरार रहने की संभावना है। ऐसे में आइए जानें कल का मौसम कैसा रहेगा?

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): ठंड का सिलसिला इन दिनों पूरे देश में तेजी से बरकरार है। कोहरे और शीतलहर के साथ कुछ-कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर भी तापमान काफी कम रहा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान के चुनिंदा क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में, जबकि ओडिशा, बिहार, पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों में भी इसी दायरे का तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ असम, मेघालय और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

Kal Ka Mausam 12 January 2026

कल का मौसम 12 जनवरी 2026

उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ भागों जैसे दक्षिण पंजाब, दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान साथ ही उत्तर-पश्चिम तेलंगाना और समीपवर्ती महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कल उत्तरी तटीय श्रीलंका के ऊपर विकसित हुआ डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 10 जनवरी 2026 को रात 11:30 बजे (IST) उत्तरी श्रीलंका तथा उससे लगे मन्नार की खाड़ी के क्षेत्र में कमजोर होकर एक स्पष्ट कम दबाव प्रणाली में परिवर्तित हो गया। इसके बाद यह प्रणाली और कमजोर होती गई तथा आज सुबह 5:30 बजे (IST) दक्षिणी तटीय तमिलनाडु और उससे सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर एक साधारण कम दबाव क्षेत्र के रूप में दर्ज की गई। आगे चलकर आज सुबह 8:30 बजे (IST) यह प्रणाली काफी हद तक क्षीण होकर लगभग समाप्त हो गई। हालांकि, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर इससे संबंधित अवशिष्ट चक्रवाती परिसंचरण अभी भी उसी क्षेत्र में बना हुआ है। औसत समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 105 समुद्री मील प्रति घंटे की गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय बनी हुई है। मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में मौजूद है, जिसका अक्ष मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर लगभग 54° पूर्व देशांतर के साथ 23° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में विस्तारित है।

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