Kal Ka Mausam (कल का मौसम) : देशभर में अगले सप्ताह से गर्मी का असर बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म होने से मौसमी गतिविधियां थम गई हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, यूपी और बिहार में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ने से गर्मी का एहसास तेज होगा। हालांकि, कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी हो सकती है। आईएमडी ने अगले 5 दिन तक पहाड़ों पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ का असर बने रहने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय हिस्सों पर तेज हवाएं चलने और बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि होने का अनुमान है। हालांकि, मैदानी जिलों पर मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य रहेगा। स्काईमेट ने दक्षिण भारत में आंशिक तौर पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Cerculation) का असर बना रहेगा, जिससे तमिलनाडु, केरल और अंडमान के कुछ हिस्सों पर तेज हवाएं और बादलों के बरसने के संकेत हैं। उधर, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में रविवार को तूफानी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, देश के अन्य हिस्सों पर लू (Heatwave) की एंट्री की संभावना है।
मौसम आज-कल
बिहार का मौसम कैसा है
बिहार में मौसम का मिजाज गर्म होता जा रहा है। सप्ताह के शुरुआत में आंधी-बारिश की गतिविधियों के साथ तापमान सामान्य है, लेकिन अगले सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। आईएमडी की मानें तो पटना, अरवल समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीट प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी हवाएं चलेंगी, जिससे गर्मी का एहसास बढ़ेगा। अगले 3 से 4 दिन में 5 से 6 डिग्री तापमान बढ़ सकता है, जिसके बाद लू (हीटवेव) की गतिविधियां तेज होंगी।
यूपी में मौसम कैसा है?
उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्य है। आंधी-बारिश की गतिविधियां थम गई हैं और सूरज का असर तेज होता दिख रहा है। अब दिन में तेज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली सतही हवाएं चलने से रूखापन महसूस होगा। मौसम विभाग ने बताया कि मौसम साफ रहने से धूप की तल्खी बढ़ेगी और दिन में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल, न्यूनतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले सप्ताह के आखिरी तक लू की गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में कल मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ है और सतही हवाओं की गति तेज है। हालांकि, बीच-बीच में धूप-छांव का खेल जारी है, लेकिन सूरज ज्यादा समय अपनी चमक बिखेर रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान रविवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की जा रही है। अगले सप्ताह से गर्मी का असर तेज हो गया है। संडे को 10 से 20 किमी. की रफ्तार से हवाएं चलने के बीच अधिकतम 35 और न्यूनतम 19 से 21 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। हवाओं की गति तेज होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार की गुंजाइश है। सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई 130 के आसपास बने रहने का अनुमान है। सीपीसीबी के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा
राजस्थान में 11 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक दे रहा है, जिसके असर से कई जिलों में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही के संकेत हैं। आईएमडी के मुताबिक, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में अगले 3 दिन तक बादल छाए नजर आ सकते हैं और कहीं-कहीं आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। फिलहाल, रविवार, सोमवार और मंगलवार तक धूप छांव का खेल जारी रहेगा, जिससे तापमान कंट्रोल रहेगा और लोगों को त्वरित गर्मी से राहत रहेगी। हालांकि, बाद में मौसम साफ होते ही तेज गर्मी और लू की एंट्री होने की संभावना है।
उत्तराखंड का मौसम
उत्तराखंड के लोगों को अभी सर्द मौसम का एहसास होता रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 दिनों तक नया कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव रहेगा, जिसके असर से ऊंचाई वाले स्थानों पर बारिश एवं बर्फबारी की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। खासकर, चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फ गिरने का अलर्ट है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम कैसा है
आईएमडी ने 12, 13 16 और 17 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बारिश एवं बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा, जिससे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। खासकर, शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, किन्नौर और लाहौल स्पीति के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फ गिरने का अलर्ट है। कई स्थानों बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और ओले गिरने का खतरा रहेगा।
जम्मू-कश्मीर में मौसम कैसा है
पहाड़ों पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर जम्मू-कश्मीर के घाटी इलाकों में मौसम बदला रहेगा। आईएमडी ने अगले 5 दिन तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां हो सकती हैं। इससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। फिलहाल, राज्य के घाटी वाले भागों पर सर्दी का एहसास होगा। आईएमडी की मानें तो 16, 17 अप्रैल को मौसम करवट लेगा और आंशिक तौर पर बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होगी। हालांकि, 18, 20 अप्रैल के बीच मौसम साफ रहेगा।
दक्षिण-पूर्वोत्तर में बारिश का अलर्ट
स्काईमेट ने अगले 2 दिन दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन कई राज्यों के मौसम को प्रभावित करेगा। उधर बांग्लादेश और मन्नार की खाड़ी से चक्रवाती परिसंचरण के बढ़ने के आसार हैं, जिससे अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और आंशिक तौर पर पश्चिम बंगला के कुछ हिस्सों में तूफानी हवाएं 70 किमी. की रफ्तार से चलने के साथ मध्यम से भारी बारिश मौसम को प्रभावित करेगी। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान लोगों को आसमान के नीचे नहीं रहने की सलाह दी गई है। इधर, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आंशिक तौर पर मौसमी गतिविधियां होने की संभावना है।
12 अप्रैल रविवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 19°C | 35°C |
| चंडीगढ़ | 18°C | 30°C |
| मुंबई | 26°C | 31°C |
| कोलकाता | 24°C | 24°C |
| चेन्नई | 27°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 23°C | 35°C |
| रांची | 21°C | 31°C |
| पटना | 22°C | 35°C |
| लखनऊ | 22°C | 34°C |
| भोपाल | 23°C | 36°C |
| जयपुर | 22°C | 35°C |
| देहरादून | 13°C | 25°C |
| शिमला | 8°C | 19°C |
| कश्मीर | 3°C | 11°C |
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
FAQs
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है
उत्तर भारत और पहाड़ों पर अक्सर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की सूचना मिलती है। इसके प्रभाव से आंधी-बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। तो लोग जानना चाहते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ क्या है? तो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कोई तूफान नहीं होता, बल्कि यह एक पूरा मौसमी सिस्टम होता है। इसे विज्ञान की भाषा में एक्स्ट्राट्रॉपिकल डिस्टर्बेंस कहा जाता है। इसका मतलब है ऐसा दबाव तंत्र जो उष्णकटिबंधीय इलाकों के बाहर बनता है और ठंडी नम हवाओं के साथ आगे बढ़ता है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर भूमध्यसागर, कैस्पियन सागर या ब्लैक सी के आसपास जन्म लेता है, जहां ठंडी ध्रुवीय हवाएं और अपेक्षाकृत गर्म समुद्री सतह आपस में टकराती हैं। जब इन क्षेत्रों में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ती है तो वहां कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यही कम दबाव आगे चलकर पश्चिमी विक्षोभ का रूप लेता है। यह सिस्टम अपने साथ नमी, बादल और ठंडी हवाएं लेकर चलता है और धीर-धीरे पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता है।
आज बारिश होगी क्या
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 2 दिन पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों और दक्षिण भारत के एक से दो राज्यों में आंधी-बारिश हो सकती है। इधर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फ गिरने से मौसम सामान्य रहेगा।
