कल का मौसम कैसा रहेगा : उत्तर भारत में बादलों की आवाजाही है, लेकिन बारिश में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग का मानना है कि 12 से 14 सितंबर तक एक नया लो प्रेशर एरिया बनने से मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। खासकर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में इसका प्रभाव दिखाई देगा। बारिश में कमी से बाढ़ से मामूली राहत मिल सकती है। अगले 72 घंटे के दौरान पहाड़ों पर तेज हवाओं के साथ मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा। स्काईमेट ने पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। वहीं, दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के हिस्सों मानसून के कमजोर होने का अनुमान जताया गया है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी और उमस का एहसास हो सकता है।
मौसम आज कल
दिल्ली-एनसीआर में कल कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 48 घंटे से बारिश की गतिविधियों पर ब्रेक लगा है और दिन में धूप निकलने से उमस का एहसास हो रहा है। हालांकि, कई हिस्सों पर बादलों की आवाजाही जारी रहने और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी है। अगले कुछ घंटे में अधिकतम तापमान में मामूली बढ़त हो सकती है। यह करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 11 सितंबर से बारिश में तेजी देखी जा सकती है। वहीं मौसमी गतिविधियों के जारी रहने से प्रदूषण के स्तर में कमी आने की संभावना है। फिलहाल कुछ हिस्सों पर एक्यूआई 110 के आसपास है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। कमोबेश ऐसा ही मौसम नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में देखा जाएगा।
राजस्थान में कैसा रहेगा मानसून
राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी चार-पांच दिन मानसून कमजोर रहने और अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने के आसार हैं। कुछ भागों में 12 सितंबर से बारिश का एक और दौर शुरू होने और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में अगले एक सप्ताह मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने और अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बीकानेर संभाग के जिलों में दिन के समय 20-25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपेक्षाकृत तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
