Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : उत्तर भारत में तेज हवाओं के चलते एक बार फिर ठंडी का एहसास हो रहा है। हालांकि, पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी और बारिश के कारण दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति होने से भीषण ठंडी का एहसास हो रहा है। राज्य के ऊंचाई वाले हिस्सों में तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक, लद्दाख और सिक्किम के ऊपरी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कमोबेश यही हालात हिमाचल प्रदेश में होंगे, जहां बर्फबारी और बारिश के कारण कड़ाके की ठंड हालत खराब कर सकती है। यही हालात उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में है। उधर, उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक, 9 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। स्काईमेट ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में उत्तर-पश्चिमी दिशा से तेज़ हवाएं बहेंगी। हालांकि, बाद में धीरे-धीरे कम हो जाएंगी।
7 फरवरी गुरुवार का मौसम
24 घंटे का मौसम कैसा ?
अगर, पिछले 24 घंटों के दौरान मौसमी हलचल की बात करें सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हुई। इसके अलावा पूर्वी असम में हल्की बारिश दर्ज की गई। स्काईमेट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, विदर्भ, उत्तर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गुजरात में दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। आईएमडी ने दिन में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई है और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। दिल्ली में मंगलवार, बुधवार से अभी तक दिन में 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। हालांकि, शुक्रवार तक हवा की गति 15-17 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि इसके बाद हवा की गति धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, तथा दोपहर तक उत्तरपश्चिम दिशा से हवा की गति 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच होने के आसार हैं। स्काईमेट ने बताया कि शुक्रवार से हवा की गति कम हो जाएगी, जब तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाएगा। आईएमडी ने कहा कि शुक्रवार को दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 29 और 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
दिल्ली में कितना प्रदूषण?
सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रही जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 119 दर्ज किया गया। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर माना जाता है। दिल्ली में सापेक्ष आर्द्रता 42 प्रतिशत दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, सुबह 9 बजे एक्यूआई 127 रहा जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। एक्यूआई शून्य से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
राजस्थान कल का मौसम
राजस्थान में अगले दो दिन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट का अनुमान जताया गया है। राज्य में अगले एक हफ्ते में कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना नहीं है और अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटे के दौरान अधिकांश हिस्सों में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज उत्तरी हवाएं चलेंगी। इनके प्रभाव से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। सात-आठ मार्च से राजस्थान में तापमान में फिर से वृद्धि हो सकती है। विभाग ने बताया कि बीते 24 घंटे में राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में 34.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान संगरिया में 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बर्फबारी का दौर जारी है। हालांकि, फरवरी के बाद अब मार्च की शुरुआत में यहां पर भारी बर्फबारी ने दस्तक दी है। खासकर, मनाली में इस साल अत्यधिक बर्फबारी हुई है। फरवरी और मार्च के महीनों में बर्फबारी के बाद उम्मीद है कि थोड़ा तापमान गिरेगा और दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति रहेगी, जिससे लोगों को एक बार फिर ठंड का एहसास होगा।
तमिलनाडु में गर्मी का अलर्ट
तमिलनाडु में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी है। तमिलनाडु के चेन्नई के उपनगरों और अन्य क्षेत्रों में दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है। राज्य में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं। पश्चिमी आंतरिक और उत्तरी हिस्सों में दोपहर में गर्मी की स्थिति रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। चेन्नई में अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाएगा। बढ़ते तापमान के बावजूद तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह बारिश हो सकती है। 7 मार्च से 13 मार्च तक अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है, जो 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 11 डिग्री सेल्सियस | 27 डिग्री सेल्सियस |
| मुंबई | 26 डिग्री सेल्सियस | 36 डिग्री सेल्सियस |
| चेन्नई | 24 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| हैदराबाद | 17 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| बेंगलुरु | 20 डिग्री सेल्सियस | 33 डिग्री सेल्सियस |
| भोपाल | 14 डिग्री सेल्सियस | 29 डिग्री सेल्सियस |
| जयपुर | 16 डिग्री सेल्सियस | 28 डिग्री सेल्सियस |
| लखनऊ | 12 डिग्री सेल्सियस | 27 डिग्री सेल्सियस |
| पटना | 15 डिग्री सेल्सियस | 25 डिग्री सेल्सियस |
| कश्मीर | -4 डिग्री सेल्सियस | 8 डिग्री सेल्सियस |
| श्रीनगर | -2 डिग्री सेल्सियस | 11 डिग्री सेल्सियस |
| शिमला | 4 डिग्री सेल्सियस | 18 डिग्री सेल्सियस |
| चंडीगढ़ | 11 डिग्री सेल्सियस | 25 डिग्री सेल्सियस |
मार्च में कैसा रहेगा मौसम?
8 मार्च से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक 8 मार्च को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। वहीं 9 मार्च को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। 10 मार्च को अधिकतम तापमान तो 31 डिग्री के आसपास रहेगा लेकिन न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर से भारी बर्फबारी और भारी बारिश का नजारा देखने को मिल रहा है और उसका सीधा असर अब एनसीआर के लोगों पर भी हो रहा है।
बदलते मौसम में क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के मुताबिक, लोगों से हाइड्रेटेड रहने और घर के बने पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी और चुटकी भर नमक के साथ फलों के रस, पानी से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करें। हवादार और ठंडे क्षेत्रों में घर के अंदर रहें। दिन के दौरान गर्मी को रोकने के लिए खिड़कियां और पर्दों को बंद रखें और रात में वेंटिलेशन के लिए उन्हें खोल दें। साथ ही, इस दौरान धूप, शराब, कैफीन युक्त पेय, कार्बोनेटेड पेय, उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ और बासी भोजन से बचना चाहिए। बच्चों या पालतू जानवरों को पार्क किए गए वाहनों के अंदर न छोड़ें, क्योंकि अंदर का तापमान खतरनाक रूप से बढ़ सकता है। उन्होंने शिशुओं, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग या पहले से मौजूद बीमारियों वाले व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सावधान रहें।
कहां सबसे ज्यादा गर्मी?
दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम तक अभी से मार्च वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और गुजरात में गर्मी का प्रकोप शुरु हो गया है। कुल मिलाकर सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। उधर, केरल में भीषण गर्मी के मद्देनजर लू और सनबर्न का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सनबर्न क्या होता है
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
कोल्ड डे क्या है?
कश्मीर-हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोल्ड के जैसी स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है।
हीटवेव का अलर्ट जारी
देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
