जेएनयू में निष्कासन और जुर्माने को लेकर छात्रों का विरोध, CPO मैनुअल पर उठे सवाल

जेएनयू में निष्कासन और भारी जुर्माने के खिलाफ छात्र विरोध तेज हो गया है, जिसमें CPO मैनुअल को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। छात्र संगठन फैसलों को अलोकतांत्रिक बता रहे हैं, जबकि प्रशासनिक रुख पर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फैसलों को लेकर एक बार फिर छात्र राजनीति गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू इकाई ने हाल के निष्कासन आदेशों और भारी जुर्माने के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अनुशासन के नाम पर ऐसे कदम उठा रहा है, जिनसे असहमति जताने वाले छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुछ प्रशासनिक आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। एबीवीपी का कहना है कि निष्कासन और आर्थिक दंड को छात्र आंदोलनों को दबाने के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक विश्वविद्यालय की भावना के खिलाफ है। संगठन ने विशेष रूप से ‘CPO मैनुअल’ को लेकर आपत्ति जताई और इसे पूरी तरह रद्द करने की मांग दोहराई।

JNU students protest

जेएनयू छात्रों का विरोध प्रदर्शन (फोटो-ट्विटर)

क्या है छात्रों का तर्क

छात्र संगठन का तर्क है कि यह मैनुअल परिसर के खुले और स्वतंत्र शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करता है। साथ ही एबीवीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की तोड़-फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पक्ष में नहीं है। संगठन ने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक तरीकों का ही समर्थन किया जाना चाहिए।

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