Jharkhand Protest: झारखंड में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है। विधानसभा मार्च के में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (Devendra Nath Mahto) भी शामिल हैं, जो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। देवेंद्र नाथ पहले एंबुलेंस से मार्च में शामिल हुए, फिर छात्रों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। छात्र लगातार बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वो कोई भगवान या मसीहा नहीं है, सरकार हमारी मांगे मान ले। जब तक मांगे नहीं मानी जाएगी, भूख हड़ताल नहीं तोड़ेंगे।
विधानसभा मार्च के दौरान देवेंद्र नाथ महतो
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "...मैं सभी छात्रों से अनुशासन बनाए रखने की अपील करता हूं। आज हेमंत सोरेन का जन्मदिन है। मैं नहीं चाहता कि छात्र आज के दिन ऐसा कुछ भी करें जिससे दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन जैसी कोई अनहोनी यहां हो। यहां कोई खून-खराबा नहीं होना चाहिए, प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहना चाहिए..."
'मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं'
आगे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि "सरकार को फैसला लेना चाहिए, वरना छात्र अपना विरोध-प्रदर्शन इसी तरह जारी रखेंगे। सरकार ने खुद अराजकता को न्योता दिया है। पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के बावजूद, मैं भी यहां आया हूं... मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं हूं, एक आम इंसान हूं। इसके बाद भी मेरी व्यक्तिगत जिंदगी में कुछ बदलने वाला नहीं है... तीन लेयर की बैरिकेडिंग तोड़ दी गई है। छात्र इसे पार कर रहे हैं, लेकिन सरकार छात्रों की मांगें न मानकर अराजकता को बढ़ावा क्यों दे रही है?... मैं सभी छात्रों से अनुशासित रहने का आग्रह करता हूं। आज हेमंत सोरेन का जन्मदिन है। मैं नहीं चाहता कि दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन जैसी कोई घटना यहां हो... यहां हिंसा नहीं होनी चाहिए, यह शांतिपूर्ण रहना चाहिए... मैं अपनी भूख हड़ताल नहीं तोडूंगा, मैं यहां अपनी जान जोखिम में डालकर आया हूं..."
