Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को झटका देते हुए उसके एक और फैसले पर रोक लगा दी है। झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर स्टे लगा दिया है। दरअसल छात्रों के आंदोलन के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने उनकी मांगों को मानते हुए JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इन परीक्षाओं में सफल हुए अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए थे, जहां से उन्होंने सरकार के फैसले पर स्टे हासिल कर लिया है।
JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने लगाई रोक (फोटो- PTI)
सफल उम्मीदवारों का चल रहा है प्रदर्शन
झारखंड सरकार द्वारा रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं के सफल उम्मीदवारों ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। शिबू सोरेन की तस्वीरें और तख्तियां लिए हुए प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने ’’न्याय दो या फांसी दो’’ और ’’शर्म करो, शर्म करो’’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) में चयनित उम्मीदवार भी शामिल थे।
उच्च न्यायालय ने बुधवार को 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचना पर रोक लगा दी। हालांकि, इस अंतरिम आदेश में राज्य सरकार द्वारा रद्द की गई सभी 22 परीक्षाएं शामिल नहीं हैं।
कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से जारी प्रदर्शन के बीच सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं और 2014 से जेपीएससी, जेएसएससी और ’आउटसोर्स एजेंसी’ टीडीपीएल द्वारा आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों समेत लगभग 2,700 सफल उम्मीदवार इन परीक्षाओं को रद्द किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो कि मेधा के आधार पर चयनित उम्मीदवार इन कथित अनियमितताओं के कारण अपनी नौकरी गंवा दें।
इस बीच, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेएसएससी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2023 में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में 37 संदिग्धों से पूछताछ की है।
