जौहर यूनिवर्सिटी पर कभी भी गिर सकती है गाज, ED की बड़ी कार्रवाई की तैयारी, संपत्ति जब्ती के आसार

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट मामले में ED की जांच पूरी हो गई है। सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में 24 अक्टूबर के बाद गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की बड़ी कार्रवाई संभव है।

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के रामपुर स्थित ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। ED की इस हाई-प्रोफाइल जांच का एक अहम चरण पूरा हो चुका है, और सूत्रों के मुताबिक 24 अक्टूबर के बाद कभी भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है, माना जा रहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी या यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।

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जौहर ट्रस्ट मामले में कभी भी हो सकती है कार्रवाई

जांच के दायरे में 85.81 करोड़ रुपये के सरकारी काम

ED के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े तमाम लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब ED के अधिकारी बयानों और जुटाए गए वित्तीय दस्तावेजों का आपस में मिलान कर रहे हैं। जांच में सबसे बड़ा खुलासा सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर हुआ है। यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर सरकारी धन से कराए गए करीब 85.81 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्य जांच के सीधे दायरे में हैं। ED सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर सरकारी धन का इस्तेमाल करके पंडाल, ओबीसी (OBC) हॉस्टल और अस्पताल जैसी इमारतों व संरचनाओं का निर्माण कराया गया। आरोप है कि विधायक (MLA) और विधान परिषद सदस्य (MLC) क्षेत्र विकास निधि से भी यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर लगभग 6.60 करोड़ रुपये के काम करवाए गए। जांच में यह भी दावा किया गया है कि सरकारी ठेकों के तहत आने वाली निर्माण सामग्री का इस्तेमाल निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया।

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