जसवंत सिंह खालरा की पत्नी की अकाल तख्त से बड़ी अपील, लापता लोगों और फर्जी मुठभेड़ों की सच्चाई सामने लाने के लिए बने 'पीपल्स कमीशन'

पंजाब में मानवाधिकारों से जुड़े पुराने मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा ने अकाल तख्त से 1980-90 के दशक के लापता लोगों, अज्ञात शवों और कथित फर्जी मुठभेड़ों की निष्पक्ष जांच के लिए 'पीपल्स कमीशन' बनाने की मांग की है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब 'सतलुज' फिल्म को लेकर राज्य में विवाद और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं।

Punjab News: पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा ने सोमवार को अकाल तख्त से एक 'पीपल्स कमीशन' (जन आयोग) बनाने की अपील की। उन्होंने कहा यह आयोग पंजाब में 80 और 90 के दशक के दौरान लापता हुए लोगों, बिना पहचान वाले शवों और कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए लोगों की सही संख्या का पता लगाएगा। परमजीत कौर का यह बयान दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज फिल्म पर चल रहे विवाद के बाद सामने आया है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त 14 जुलाई को उन सिख युवाओं की आत्मा की शांति के लिए अरदास करेगा जिनकी आवाज खालरा ने उठाई थी।

Jaswant Singh Kalra

जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा

सच्चाई के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए

X पर एक पोस्ट में, कौर ने कहा कि जब पंजाब के लोग अकाल तख्त के जत्थेदार के बुलावे पर मंगलवार को हरिके पट्टन में इकट्ठा होने की तैयारी कर रहे हैं, तो राज्य के लोगों, पूरे सिख समुदाय और दुनिया भर में मानवाधिकारों और न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों को एकजुट होना चाहिए और सच्चाई के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जून 1984 में श्री दरबार साहिब पर सैन्य हमला, नवंबर 1984 में सिखों का नरसंहार और उसके बाद के सालों में बिना पहचान वाले शवों, यातना और हजारों फर्जी पुलिस मुठभेड़ें- ये सभी घटनाएं आज भी जवाबदेही और न्याय की मांग करती हैं।

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