जंतर-मंतर प्रदर्शन में छात्र को 5 लाख का नोटिस, नोएडा DM मेधा रूपम का जवाब- मेरा इस मामले से कोई संबंध नहीं

अक्षत त्रिपाठी के मामले में मेधा रूपम का साफ कहना है कि 5 लाख रुपये का नोटिस उनके कार्यालय से जारी नहीं हुआ और नोटिस सामने आने के बाद उसे तत्काल निरस्त कर दिया गया।

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को 5 लाख रुपये का नोटिस जारी किए जाने के मामले में अब गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम का पक्ष सामने आया है। डीएम की ओर से कहा गया है कि यह नोटिस उनके कार्यालय से जारी नहीं हुआ था और इस मामले में उनका कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है, इसलिए संबंधित कार्रवाई कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय के कार्यालय से हुई थी।

​नोएडा डीएम मेधा रूपम।​

नोएडा डीएम मेधा रूपम।

डीएम की ओर से जारी जवाब के मुताबिक, अक्षत त्रिपाठी को 4 सितंबर को धरना-प्रदर्शन को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 के तहत नोटिस जारी किया गया था। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही 5 सितंबर को इस नोटिस को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया गया। डीएम का कहना है कि गलत नोटिस जारी होने और इसमें हुई लापरवाही को लेकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच पहले ही शुरू की जा चुकी है। डीएम ने साफ कहा है कि जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।

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