जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी; लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क का किया पर्दाफाश

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा और राजस्थान से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान का लक्ष्य देशभर में फैले इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।

Jammu Kashmir News: लश्कर-ए-तैयबा आतंकी समूह के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करते हुए, जम्मू कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय में हरियाणा और राजस्थान से कई लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि, इन पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों को पासपोर्ट समेत फर्जी पहचान पत्र हासिल करने में मदद की थी। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों ने आधार कार्ड, स्थायी खाता संख्या (पैन) कार्ड और मतदाता कार्ड जैसे दस्तावेज बनाकर आतंकवादियों को जरूरी मदद दी। इस जांच का नेतृत्व श्रीनगर पुलिस ने किया, जिसने पूरी खुफिया जानकारी जुटाई। हालांकि, जैसे-जैसे इस अभियान का दायरा और इसके व्यापक सुरक्षा प्रभाव साफ होते गए, मामले में केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस को शामिल किया गया, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में फैले इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

Jammu and Kashmir Police busted a major Lashkar-e-Taiba network (Representative Photo)

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क का खुलासा (सांकेतिक फोटो)

कैसे सामने आया मामला?

आधिकारियों के अनुसार, आतंकियों में से एक, जिसकी पहचान उमर उर्फ ’खरगोश’ के रूप में हुई है, ने पासपोर्ट हासिल कर लिया था और इसके बाद वह इंडोनेशिया फरार हो गया। माना जा रहा कि वहां से उसने एक और फर्जी यात्रा दस्तावेज का इस्तेमाल किया और फिलहाल वह किसी खाड़ी देश में छिपा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के कराची निवासी उमर ने 2012 के बाद भारत में घुसपैठ की थी और राजस्थान के जयपुर से प्राप्त जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके 2024 में भाग गया था। ये विवरण तब सामने आए जब श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक "गहरे रूप से जड़ जमाए" अंतर-राज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा भी शामिल है, जो पिछले 16 वर्षों से फरार था और जिसने केंद्र शासित प्रदेश के बाहर अपने ठिकाने सफलतापूर्वक स्थापित कर लिए थे।

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