100 द्वीपों वाला भारत का इकलौता शहर, जानें किस राज्य में मौजूद है यह अनोखा क्षेत्र?

भारत में एक ऐसा अनोखा शहर भी है जो अपने सौ से अधिक द्वीपों की वजह से दुनिया भर के लोगों को हैरान कर देता है। घने जंगलों, झीलों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह इलाका किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। ऐसे में, आज हम आपको देश में मौजूदा इकलौते ‘100 आइलैंड्स वाले शहर’ के बारे में बताएंगे। तो आइए जानें आखिर किस राज्य में छिपा हुआ है यह क्षेत्र।

KEY HIGHLIGHTS
  • माही नदी के किनारे बसा बांसवाड़ा ‘सौ द्वीपों का शहर’ कहलाता है।
  • अधिक वर्षा और हरियाली के कारण बांसवाड़ा को ‘राजस्थान का चेरापूंजी’ कहा जाता है।
  • मानसून के दौरान घने जंगल और बादलों की चादर के बीच बांसवाड़ा की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

City of Hundred Islands: राजस्थान का जिक्र आते ही दिमाग में रेगिस्तान की रेत उड़ती दिखती है, लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा शहर भी है जो आपकी इस छवि को पल भर में बदल देगा। हम बात कर रहे हैं बांसवाड़ा की, जिसे 'सौ द्वीपों का शहर' भी कहा जाता है। माही नदी के तट पर बसा यह अनोखा शहर प्राकृतिक खूबसूरती से लबालब भरा है। दक्षिणी राजस्थान में स्थित बांसवाड़ा हरियाली से ढका रहता है और इसकी सीमा गुजरात व मध्य प्रदेश से लगी है। अपनी शांत सुंदरता और द्वीपों की वजह से इसे अक्सर 'राजस्थान का मालदीव' भी कहा जाता है।

Which Indian City is Known 'City of Hundred Islands'?

भारत का कौन सा शहर 'सौ द्वीपों का शहर' कहलाता है?

बताया जाता है कि कभी यहां बांस के पेड़ बहुत बड़ी संख्या में पाए जाते थे, इसी कारण इसका नाम बांसवाड़ा पड़ गया। राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर अरावली की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसे बांसवाड़ा की स्थापना महारावल जगमाल सिंह ने की थी। वागड़ क्षेत्र जिसमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर शामिल हैं, को मेवाड़, मालवा और गुजरात की सांस्कृतिक धारा को जोड़ने वाला अनोखा संगम माना जाता है। यह इलाका प्रकृति, इतिहास, पौराणिक महत्व, पुरातत्त्व, कला, संस्कृति और धार्मिक स्थलों के मामले में बेहद समृद्ध है। यहां बांस और सागवान के घने जंगल बड़ी मात्रा में मिलते हैं।

End of Feed