राजस्थान में बच्चों का भविष्य संवार रहा SRF फाउंडेशन, देना चाहता है ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लासेज की सुविधा

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 3, 2023, 03:24 PM IST

टाइम्स नाउ नवभारत के 'नवभारत नवनिर्माण मंच' पर SRF के प्रोग्राम ऑफिसर देवेंद्र कुमार ने विस्तार से अपने संगठन के कार्यों और केंद्रों पर चलाए जा रहे अपने बाल वाटिका कार्यक्रम के बारे में चर्चा की। देवेंद्र ने बताया कि उनका संगठन साल 2009 से इस दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली शिक्षिका उसकी मां होती है और इसके बाद बच्चा स्कूल पहुंचता है।

Navbharat Navnirman Manch : राजस्थान बच्चों को स्कूलों तक लाने और उन्हें गुणवत्तापरक एवं आधुनिक शिक्षा देने के लिए राज्य की अशोक गहलोत सरकार कई कार्यक्रम एवं योजनाएं चला रही हैं। सरकार के इस कार्य में गैर-सरकारी संगठन भी उसकी मदद कर रहे हैं। खासकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में बच्चों को स्कूल तक लाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है लेकिन गैर-सरकारी संगठन SRF फाउंडेशन बीते 14 सालों में बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाने और उन्हें स्कूली शिक्षा से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ है।

टाइम्स नाउ नवभारत के 'नवभारत नवनिर्माण मंच' पर SRF के प्रोग्राम ऑफिसर देवेंद्र कुमार ने विस्तार से अपने संगठन के कार्यों और केंद्रों पर चलाए जा रहे अपने बाल वाटिका कार्यक्रम के बारे में चर्चा की। देवेंद्र ने बताया कि उनका संगठन साल 2009 से इस दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली शिक्षिका उसकी मां होती है और इसके बाद बच्चा स्कूल पहुंचता है। उनके संगठन का काम ग्रामीण इलाकों के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाना और उन्हें स्कूली शिक्षा से जोड़ना है।

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