Rajasthan: हाउसिंग और क्रेडिट सोसायटीज के लिए अलग-अलग नियंत्रण व्यवस्था लागू; नकद लेनदेन पर लगेगा रोक

राजस्थान सरकार ने सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए हाउसिंग और क्रेडिट सोसायटीज के संचालन को अलग-अलग करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत क्रेडिट सोसायटीज के लिए एक रेगुलेटरी बोर्ड बनाया जाएगा और हाउसिंग सोसायटीज पर सख्त नियम लागू होंगे। इस पहल का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक संगठित और जिम्मेदार बनाना है।

Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हाउसिंग और क्रेडिट सोसायटीज को अलग-अलग नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत क्रेडिट सोसायटीज के लिए एक नियामक बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता विभाग के प्रमुख सचिव करेंगे। इस बोर्ड को ब्याज दर तय करने और आवश्यक होने पर सोसायटी को बंद करने का अधिकार होगा।

Rajasthan Govt Implements Reforms for Cooperative Societies

राजस्थान सरकार ने सहकारी समितियों के लिए सुधार लागू किए (सांकेतिक फोटो: Canva)

नए नियमों के तहत हाउसिंग सोसायटीज अब बिना रजिस्टर्ड डीड के जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगी और नकद लेनदेन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी सोसायटीज को बैंकों की तरह सिक्योरिटी और लिक्विडिटी रेशियो बनाए रखना अनिवार्य होगा। क्रेडिट सोसायटीज केवल अपने पूर्ण सदस्यों से ही डिपॉजिट स्वीकार कर सकेंगी। इसके अलावा, हर सोसायटी को अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।

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