राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी रविवार को देसूरी नाल पहुंची और खतरनाक मोड पर हो रहे हादसों का निरीक्षण किया। हाल ही में स्कूली बस हादसे में तीन बच्चियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को जयपुर से बुलाकर सड़क के सुधार और हादसों से बचने के उपायों पर चर्चा की।
निरीक्षण करते हुए डिप्टी सीएम।
अधिकारियों को मिला निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की बात की कि इस रास्ते पर भविष्य में हादसे न हों। इसके बाद, दिया कुमारी मुंडारा पहुंची, जहां उन्होंने पंचायत राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी की माताजी के देवलोक गमन पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारजनों को ढांढस बंधाया।
जयपुर से बुलाए गए अधिकारी
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि मैंने खतरनाक मोड पर हो रहे हादसों का निरीक्षण किया। सभी अधिकारियों को भी जयपुर से बुलाया। डीएम समेत यहां के अधिकारी भी आए। वहां सेफ्टी के लिए जो दीवार बनानी पड़ेगी और बैरिकेड लगाने हैं, वह तुरंत किया जाएगा। नेशनल हाईवे को राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (आरएसआरडीसी) के तहत ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, जो मुख्य समस्या ओवरलोडिंग की है, उस पर प्रशासन और पुलिस को ध्यान देना होगा। ओवरलोडिंग रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जल्द ही काम होगा पूरा
उन्होंने आगे कहा कि रोड को चौड़ा करने और अन्य आवश्यक उपायों पर काम किया जाएगा। यह नेशनल हाईवे को ट्रांसफर किया जाएगा, तब वहां एलिवेटेड रोड बनाने की संभावना भी होगी। हम लोग पूरी तरह से लगे हुए हैं। समय खराब नहीं होगा, क्योंकि वह एक्सीडेंट जोन है। रोड सेफ्टी के लिए जो काम हमें करना है वो महीने या दो महीने में हो जाएगा। उसके बाद जो रोड ट्रांसफर करना है, उसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है वो भी जल्द से जल्द करने का प्रयास करेंगे।
इनपुटः आईएएनएस
