Rajasthan Heavy Rain: राजस्थान में मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। बरसात के इस दौर ने प्रचंड गर्मी से तो राहत दिलाई है लेकिन इससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। श्रीगंगानगर जिले में तेज बारिश और 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने भारी तबाही मचाई है। सूरतगढ़ कस्बा एक बार फिर तेज बारिश के चलते पानी में डूब गया, जहां बाजार, शोरूम और कई घर जलमग्न हो गए। श्रीविजयनगर इलाके में एक घर की छत गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरे श्रीगंगानगर जिले में पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। तेज तूफान की वजह से 200 से अधिक बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राजस्थान के विभिन्न भागों में जलभराव
मौसम विभाग के द्वारा हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर को छोड़कर प्रदेश के शेष 30 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में अलर्ट जारी हुआ है, उनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बाड़मेर और भीलवाड़ा शामिल हैं।
तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कोटा में 95 मिमी, डूंगरपुर में 90 मिमी, प्रतापगढ़ में 80 मिमी, उदयपुर में 75 मिमी, टोंक में 70 मिमी और बूंदी में 65 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सवाई माधोपुर में हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। यहां जिला कलेक्ट्रेट और बौली थाना परिसर तक पानी भर गया है। थाना परिसर के सभी कार्यालय कक्ष और अधिकारी आवास जलमग्न हो गए। सीकर जिले में एक विधायक के घर में पानी भर गया, जबकि अजमेर के केकड़ी में तालाब में डूबने से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। बांसवाड़ा में मां-बेटे की नदी में डूबकर जान चली गई। सवाई माधोपुर के बंधा गांव में पूर्व सरपंच कमल प्रसाद मीणा नहर पार करते समय गिरकर डूब गए।
