Makar Sankranti 2023: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी पूरी दुनिया में मशहूर है। देश और दुनिया के पर्यटक गुलाबी नगरी की पतंगबाजी देखने और इसमें शामिल होने के लिए आते है। हालांकि कोरोना के कारण विदेशी पर्यटक जयपुर की पतंगबाजी से थोड़ा दूर हुए हैं, लेकिन शहर के लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। इस बार संक्रांति पर जयपुर में करीब 15 करोड़ रुपये का पतंग डोर का कारोबार होने के आसार है। जयपुर में दो से तीन हजार कारीगर पतंग बनाने के काम से जुड़े हैं।
जयपुर में मकर संक्रांति पर जमकर होती है पतंगबाजी
जयपुर में पर्यटन विभाग काइट फेस्टिवल आयोजित कर रहा है। पर्यटन विभाग की तरफ से जल महल की पाल पर पतंग उत्सव का आयोजन करता है। मकर संक्रांति के दिन जयपुर का आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा रहता है।
गुलाबी नगरी में खूब उड़ेंगी पतंगें, सज गए बाजार
इस बार भी जयपुर में खूब पतंगबाजी होने की उम्मीद है। पतंगों के बाजार सज गए हैं। मकर संक्रांति पर जयपुर में होने वाली पतंग प्रदर्शनी, पतंगबाजी प्रतियोगिता और फैंसी पतंग प्रतियोगिता आदि पर्यटकों को काइट फेस्टिवल की डोर से बांध लेती है। परंपरागत खान -पान जैसे दाल की पकौड़ियां, तिल के लड्डू और फीणी के स्वाद के साथ सैलानियों की निगाहें सुबह से शाम तक आसमां पर टिकी रहती हैं। शाम को पतंगों के साथ-साथ आतिशबाजी के सुंदर नजारों से पूरी गुलाबी नगरी रंगीन रोशनी से दमक उठती है। हालांकि इस बार मकर संक्रांति पर राजस्थान की गहलोत सरकार ने पतंगबाजी के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
मकर संक्रांति पर इस समय पतंग उड़ाने पर रहेगी रोक
राजस्थान के सभी कलेक्टरों को गृह विभाग ने आदेश जारी किया है कि मकर संक्रांति पर सुबह छह बजे से 8 बजे तक और शाम को पांच बजे से रात सात बजे तक पतंग उड़ाने पर रोक रहेगी। इस दौरान प्लास्टिक और सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे का इस्तेमाल और निर्माण भी बैन किया गया है। वहीं, इस बार पतंग बाजार में ऑनलाइन भुगतान का ट्रेंड भी देखा जा रहा है। दुकानदार ग्राहकों से नकद की बजाय पेटीएम, क्रेडिट कार्ड आदि से भुगतान ले रहे हैं। जयपुर के हांडीपुरा, चांदपोल और किशनपोल बाजार के अलावा हल्दियों के रास्ते पर होलसेल रेट में पतंगें बिक रही हैं।
रातभर खुलता है जयपुर का यह बाजार
अगर आप सच में जयपुर के पतंगबाजी के जुनून को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो आधी रात को आपको हल्दियों के रास्ते जाना चाहिए। यहां रातभर पतंगों का बाजार खुलता है। पतंगबाजों की भीड़ इतनी होती है कि आपको दूर तक रैला नजर आता है। सारी रात यहां जयपुर के मशहूर पकवानों का बाजार सजा रहता है। अगर आपने संक्रांति पर कभी ऐसा माहौल नहीं देखा है तो आपको परकोटे के इस बाजार जाना चाहिए।
