जयपुर में पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शादी समारोहों में संगीत बजाने के लिए किसी कॉपीराइट लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। यह निर्देश सभी थानाधिकारियों को जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व शादी समारोहों में जाकर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
(सांकेतिक फोटो)
एडिशनल कमिश्नर कुंवर राष्ट्र दीप ने बताया कि कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 52 के अनुसार, विवाह जैसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में संगीत बजाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं माना जाता। धारा 52 (1)(एक) में यह प्रावधान है कि किसी वास्तविक धार्मिक संस्कार या विवाह समारोह में साहित्यिक, नाट्य या संगीत कृति का प्रस्तुतीकरण या ध्वनियां को सार्वजनिक रूप से बजाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं है। इस निर्णय से शादी समारोहों में संगीत बजाने को लेकर चल रही भ्रांतियों को समाप्त करने में मदद मिलेगी और आयोजकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
