Jaipur-Jodhpur Expressway: बेहतर सड़कों की कनेक्टिविटी के लिहाज से राजस्थान अन्य राज्यों के मुकाबले काफी पीछे नजर आता है। क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा स्टेट यातायात को लेकर दुश्वारियां झेल रहा है। दूर-दराज के शहरों तक पहुंचने के लिए उच्चकोटि की सड़कें उपलब्ध नहीं हैं, लिहाजा इस समस्या को दूर करने की कवायत चल रही है। यही कारण है कि वित्त वर्ष 2024-25 के बजट (Budget Financial Year 2024-25) में राज्य में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) बनाने की घोषणा की गई थी, जिनमें जयपुर-किशनगढ़-अजमेर-जोधपुर 350 किलोमीटर, कोटपूतली-किशनगढ़ 181 किमी., जयपुर-भीलवाड़ा 193 किमी., बीकानेर-कोटपूतली 295 किमी., ब्यावर-भरतपुर 342 किमी., जालोर-झलवाड़ा 402 किमी, अजमेर-बांसवाड़ा 358 किमी, जयपुर फलोदी 345 किमी और श्रीगंगानगर-कोटपूतली 290 किमी. बनाए जाने की घोषणा की गई थी। तो आज बात जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेसवे से जुड़े पहलुओं पर होगी। हम जानने की कोशिश करेंगे यह सड़क मार्ग किन शहरों को आपस में कनेक्ट करेगा, इसको बनाने में कितनी रकम खर्च होगी और इसके खुलने की वास्तविक तिथि क्या निर्धारित की गई है?
जयपुर-जोधपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
जयपुर-जोधपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे रूट मैप (Jaipur-Jodhpur Expressway Route Map)
- जयपुर (Jaipur)
- किशनगढ़ (Kishangarh)
- अजमेर (Ajmer)
- जोधपुर (Jodhpur)
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| जानकारी | विवरण |
| एक्सप्रेसवे का नाम | जयपुर-जोधपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे |
| एक्सप्रेसवे की लंबाई | 350 किलोमीटर |
| एक्सप्रेसवे की स्पीड | 100-120 किमी/घंटा |
| परियोजना की लागत | 11,492 करोड़ रुपये |
| एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिंदु | जयपुर रिंग रोड |
| एक्सप्रेसवे का अंतिम बिंदु | अमृतसर-जामनगर इकनॉमिक कॉरिडोर |
| निर्माणकर्ता कंपनी- | एनएचएआई (संभवत:) |
| कार्य पूरा होने की तिथि | निर्धारित नहीं |
जयपुर-जोधपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर व्यापार (Jaipur-Jodhpur Expressway Business)
11 हजार 492 करोड़ रुपये की लागत से दूदू, किशनगढ़, अजमेर होते हुए यह सड़क मार्ग जोधपुर तक पहुंचेगा। इसके बनने से जयपुर से जोधपुर की दूरी दो से ढाई घंटे कम हो जाएगी, जिससे लोगों का समय के साथ फ्यूल भी बचेगा। फिलहाल, इसकी डीपीआर तैयार होने के बाद 3184 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम पूरा किया जाएगा, जिससे सड़क मार्ग किनारे बसे किसानों को आर्थिक तौर पर लाभ मिलेगा। साथ ही एक्सप्रेसवे किनारे उद्योग-धंधों में बढ़ोतरी होगी। इसमें मुख्य तौर पर रेस्टोरेंट, बाजार, वाहनों की बिक्री से जुडे शोरूम इत्यादि का व्यापार बढ़ेगा, जिससे सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
जयपुर में पर्यटन स्थल (Jaipur Tourist Places List)
- आमेर किला
- नाहरगढ़ किला
- जयगढ़ किला
- हवा महल
- सिटी पैलेस
- जयपुर चिड़ियाघर
- जंतर-मंतर
- जल महल
- बिड़ला मंदिर
- अल्बर्ट हॉल संग्रहालय
जोधपुर के पर्यटन स्थल (Jodhpur Tourist Places List)
- मेहरानगढ़ का किला
- जसवंत थाड़ा
- मंडोर गार्डन
- उम्मेद भवन पैलेस
- शीश महल
- खेजलड़ा किला
- अजमेर शरीफ
- पुष्कर
- तारागढ़ किला
- अढ़ाई दिन का झोपड़ा
इधर, किशनगढ़ जिला मार्बल नगरी (Marble City) के नाम से जाना जाता है। यहां मार्बल की खानों के साथ-साथ कटिंग का भी बड़ा बाजार है। यहां से देश के तमाम हिस्सों में मार्बल की सप्लाई होती है। अभी व्यापारियों को अपना माल अन्य शहरों में पहुंचाने में ज्यादा वक्त लगता है। लेकिन, जब राज्य में जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेसवे के साथ 9 के 9 एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएंगे तो यह व्यापार और आसान हो जाएगा।
