Rajasthan Navratri 2022: 1971 की जंग में पाक ने जोधपुर पर गिराए दर्जनों बम, मां चामुंडा ने ऐसे की थी लोगों की रक्षा, ये है पूरी कहानी

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  • Updated Sep 27, 2022, 01:41 AM IST

जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थित मंदिर में मां चामुंडा की प्रतिमा 561 वर्ष पूर्व विक्रम संवत 1517 में मंडोर से लाकर स्थापित की थी। जोधपुर के लोग देवी मां को अपनी रक्षक मानते हैं। 1971 की भारत-पाक की जंग के दौरान दोनों समय पाकिस्तान की ओर से जोधपुर में गिराए गए बमों को मां ने अपने आंचल में समेट लिया था। एक भी बम नहीं फटने दिया।

KEY HIGHLIGHTS
  • राव जोधा ने मां चामुंडा की प्रतिमा 561 वर्ष पूर्व मंडोर से लाकर की थी स्थापित
  • आजादी से पहले मां के समक्ष महिषासुर के तौर पर भैंसे की बलि देने की प्रथा थी
  • 1971 की जंग के दौरान पाकिस्तान की ओर से जोधपुर में गिराए गए बमों को मां ने अपने आंचल में समेट लिया था

Rajasthan: राजस्थान की सूर्यनगरी कहे जाने वाले रियासत कालीन शहर जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थापित देवी भगवती के स्वरूप में विराजित मां चामुंडा के दर्शनों के लिए शहर के लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। बता दें कि, जोधपुर के लोग देवी मां को अपनी रक्षक मानते हैं। मां के चमत्कारों के कई किस्से कहानियां अतीत से जुड़े हैं।

Jodhpur Maa Chamunda Temple Story

पाकिस्तान के बमों को मां ने अपने आंचल में समेटा

जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थित मंदिर में मां चामुंडा की प्रतिमा 561 वर्ष पूर्व विक्रम संवत 1517 में मंडोर से लाकर स्थापित की थी। हालांकि पूर्व में देवी चामुंडा परिहार राजपूतों की कुलदेवी मानी जाती थी। बाद में इन्हें राव जोधा ने भी अपनी इष्टदेवी के स्वरूप में स्वीकार किया।

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