राजस्थान में बढ़ी हाइपरटेंशन मरीजों की संख्या, देश में हाई ब्ल्ड प्रेशर की दर 22.6 प्रतिशत पहुंची, महिलाओं से अधिक पुरुषों को आंकड़ा

कोरोना महामारी के बाद हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवाओं और शहरी क्षेत्रों में। तनावपूर्ण जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर खान-पान और मानसिक दबाव इस समस्या के प्रमुख कारण बन रहे हैं। राजस्थान के कई बड़े शहरों में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ रही है।

कोरोना महामारी के बाद कई लोग सिर दर्द, बेचैनी और सीने में दर्द जैसे लक्षणों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या बढ़ रही है। इसके पीछे बदलती जीवनशैली, शराब और तंबाकू का सेवन, मानसिक तनाव, और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसे कारक जिम्मेदार हैं। युवा वर्ग भी पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता, डिप्रेशन, सरकारी नौकरी न मिलने और पारिवारिक तनाव के कारण इस बीमारी की चपेट में आ रहा है।

Hypertension Cases in Rajasthan

राजस्थान में बढ़ता हाइपरटेंशन का खतरा

राजस्थान के प्रमुख शहरों, जैसे जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, सवाईमाधोपुर, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं और श्रीगंगानगर में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन विभाग के अनुसार, गंभीर हालत में भर्ती होने वाले हर चौथे-पांचवें मरीज को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में उच्च रक्तचाप की प्रसार दर करीब 22.6% है, जिसमें पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है और शहरी क्षेत्रों में यह अधिक देखा जाता है।

End of Feed