Holi Festival Special 2023: इस धर्म नगरी में बाबा श्याम संग भक्त रचाते हैं रास, अबीर व इत्र से खेलते हैं होली, जानिए पूरा इतिहास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 20, 2023, 07:55 PM IST

Holi Festival Special 2023: खाटू श्याम के मंदिर की स्थापना सन 1027 में रूप सिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कँवर ने की थी। इसके बाद मारवाड़ के राजाओं ने सन 1720 में मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। बता दें कि, बाबा श्याम का शीश यहां पर खुदाई करने पर निकला था। जहां अब वर्तमान में श्याम कुंड बना है। यही वजह है कि, खाटू श्याम की पूजा हारे के सहारो व शीश के दानी के रूप में होती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • खाटू धाम में खुदाई करने पर निकला था बर्बरीक का शीश
  • फाल्गुन माह में लगता है खाटू श्याम मंदिर में लक्खी मेला
  • भक्त बाबा संग खेलते हैं अबीर और इत्र की होली


Holi Festival Special 2023: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है पौराणिक खाटू श्याम मंदिर देश-विदेश के लाखों भक्तों की असीम आस्था का केंद्र है। जयपुर से करीब 65 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर में साल भर में लाखों भक्त बाबा के दर पर शीश नवाते हैं। बता दें कि, इस मंदिर की महिमा महाभारत काल से जुड़ी हुई है। जहां पर भीम के पौत्र बर्बरीक को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में पूजा जाता है।

Khatu shyam baba

राजस्थान के जयपुर के निकट खाटू श्याम मंदिर में भक्त खेलते हैं बाबा संग होली (फाइल फोटो)

यहां पर फाल्गुन माह में बाबा का लक्खी मेला लगता है। जो होली दहन के बाद संपन्न होता है। होली दहन के बाद दूसरे दिन श्रद्धालु इत्र व अबीर उड़ाते हुए बाबा श्याम संग होली खेलते हैं व परिवार की खुशहाली की कामना कर अपने घरों की ओर लौट जाते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक खाटूश्याम के मंदिर की स्थापना सन 1027 में रूप सिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कँवर ने की थी। इसके बाद मारवाड़ के राजाओं ने सन 1720 में मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। बता दें कि, बाबा श्याम का शीश यहां पर खुदाई करने पर निकला था। जहां अब वर्तमान में श्याम कुंड बना है। यही वजह है कि, खाटूश्याम की पूजा हारे के सहारो व शीश के दानी के रूप में होती है।

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