Holi Festival 2023: जयपुर के इस गांव में रंगों ने बदली महिलाओं की तकदीर, गोबर से बनाती हैं गुलाल, जानिए कैसे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 6, 2023, 04:35 PM IST

Holi Festival 2023: गांव केशवपुरा में गोयम गुलाल बनाने के काम में जुटी इन महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वे परिवार के लिए कर्जे को चुकाने सहित सदस्यों के इलाज का जिम्मा भी संभाले हैं। इसके लिए पूरे 64 परिवार दिन रात मेहनत कर रहे हैं। हालांकि पहले ये महिलाएं गाय- भैंस चराने सहित खेती का काम करती थीं। मगर अब गोयम गुलाल बना रहीं है तो इनकी तकदीर भी संवरी है।

KEY HIGHLIGHTS
  • गांव केशवपुरा के 64 परिवारों की महिलाएं बना रही गोयम गुलाल
  • गोबर से महिलाएं कई अन्य उपयोगी उत्पाद का निर्माण भी कर रही है
  • गोबर से महिलाओं की तकदीर संवरी तो परिवारों में खुशियों का संचार हुआ


Holi Festival 2023: जीवन में अगर रंग ना हो तो सब सूना सूना सा लगता है। यहीं वजह है कि होली का त्योहार हमारे जीवन में सतरंगी खुशियों का समावेश करता है। हालांकि अब होली के रंग घातक रसायनों वाले हो गए हैं, जिसके चलते लोग अब इनसे परहेज करने लगे हैं। यही वजह है कि, धीरे- धीरे फिर से वही पुराना दौर लौटने लगा है, जिसमें प्राकृतिक तौर पर कलर्स बनाए जाते थे। लोग अब हर्बल व ऑर्गेनिक रंगों की ओर आकर्षित होने लगे हैं। कोरोना महामारी के बाद लोग इस बार जमकर होली खेलने के मूड में हैं।

Jaipur News

जयपुर के निकट गांव केशवपुरा में महिलाएं बना रही गोबर से ऑर्गेनिक गुलाल (सांकेतिक तस्वीर)

बाजार भी ग्राहकों से गुलजार होने लगे हैं। दुकनों पर इस बार नई तरह की पिचकारियां व हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की भरमार है। लोगों की होली की खुशियां बरकरार रहे व वे घातक रसायनों से बचें इसके लिए राजधानी जयपुर के निकट एक गांव जुटा हुआ है। यहां पर महिलाएं गोबर से गुलाल व अन्य सामान बना रही हैं। इसके लिए पूरे 64 परिवार दिन रात मेहनत कर रहे हैं। हालांकि पहले ये महिलाएं गाय- भैंस चराने सहित खेती का काम करती थीं। मगर अब गोयम गुलाल बना रहीं है तो इनकी तकदीर भी संवरी है।

End of Feed