Holi Festival 2023: जयपुर के निकट इस शहर में निकलती है होली पर शव यात्रा, सदियों पुरानी है ये परंपरा, जानिए पूरी रोचक कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 9, 2023, 03:12 PM IST

Holi Festival 2023: जयपुर के निकट चौमूं शहर में करीब डेढ़ सदी से होली पर शवयात्रा निकाली जाती है। इसकी शुरूआत सन 1834 ईस्वी में ठाकुर लक्ष्मण सिंह ने की थी। उस जमान में किसी व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया जाता था, उसके बाद शवयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकलती थी। चौमूं शहर में एक और परंपरा बरसों से चली आ रही है, जिसमें धुलंडी के दिन शहर में बींद-भाडू की भी बारात निकाली जाती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • चौमूं शहर में हुड़दंगी निकालते है होली पर बोराजी की शवयात्रा
  • शवयात्रा निकालने की शुरूआत ठाकुर लक्ष्मण सिंह ने सन 1834 में की थी
  • धुलंडी के दिन चौमूं में बींद-भाडू की भी बारात निकाली जाती है


Holi Festival 2023: अपने गौरवशाली वैभव के अनेक किस्से कहानियों को दामन में समेटे राजस्थान की सांस्कृति विरासत अद्भुत है। यहां पर त्योहार मनाने की अनेक रवायतें प्रचलित हैं। होली की अगर बात करें तो प्रदेश के अलग- अलग स्थानों पर इसे अलग अंदाज में सेलिब्रेट किया जाता है। इसी कड़ी में आपको बताने जा रहे हैं जयपुर के निकट चौमूं शहर में होली पर्व को मनाने के खास अंदाज के बारे में जहां करीब डेढ़ सदी से होली पर शवयात्रा निकाली जाती है।

Jaipur News

जयपुर के निकट होली पर निकलती है बोराजी की शवयात्रा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

यहां के लोगों के मुताबिक, ये परंपरा करीब 189 वर्ष पुरानी है। मगर इसे आज भी पूरे जोश और जश्न के साथ मनाया जाता है। होली के हुडदंग के साथ निकाली जाती है बोराजी की शवयात्रा। जिसमें शामिल होते हैं शहर के हजारों युवा, बच्चे व बुजुर्ग। इस अनूठी रवायत को मनाने की शुरूआत सन 1834 ईस्वी में चौमूं के ठाकुर लक्ष्मण सिंह ने की थी। उस जमान में किसी व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया जाता था, उसके बाद शवयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकलती थी। इस दौरान रसिये चंग और ढोल तासों की थाप पर खूब मस्ती और हुड़दंग करते थे।

End of Feed