भोपाल : देश के जाने माने शिक्षक व कोचिंग संस्थान के संचालक विकास डॉ. दिव्यकीर्ति की याचिका पर 22 जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी, जिसका कारण समयाभाव बताया गया। अब उनकी याचिका की सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है। मंगलवार को, विकास दिव्यकीर्ति को अजमेर की न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफी अर्जी लगाई, जबकि परिवादी के वकील ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और विकास दिव्यकीर्ति के वकीलों को 2 अगस्त को सशरीर कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति (फोटो-दृष्टि IAS)
दैनिक जानगरण की खबर के मुताबिक, यह मामला तब शुरू हुआ जब विकास दिव्यकीर्ति ने एक वीडियो में IAS वर्सेस जज-कौन ज्यादा ताकतवर" शीर्षक से टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने IAS को अधिक शक्तिशाली बताया था। इस पर वकील कमलेश मंडोलिया ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अजमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामला दर्ज किया और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। न्यायाधीश ने 40 पेज के आदेश में मंडोलिया की ओर से पेश किए गए मानहानि केस को आंशिक रूप से स्वीकार किया और दिव्यकीर्ति को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
